संवाद सूत्र, डोईवाला : डोईवाला चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति करने वाले ट्रांसपोर्टरो व चीनी मिल प्रबंधन के बीच शनिवार को हुई वार्ता के बाद ट्रांसपोर्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। जिससे चीनी मिल प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।

विदित हो कि शुक्रवार को ट्रांसपोर्टरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की मांग को लेकर गन्ना सेंटरों से गन्ने का उठान बंद कर दिया था। जिससे चीनी मिल प्रबंधन के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो गई। ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि चीनी मिल में गाड़ियों के एक महीने में सिर्फ 10 से 12 ही चक्कर लग रहे हैं। जबकि कम से कम 20 से 25 चक्कर लगने चाहिए। वही गन्ने से भरे वाहन कई कई दिनों तक खाली नहीं हो पाते जिससे ट्रांसपोर्टरों को घाटा हो रहा है। शनिवार को ट्रांसपोर्टर की इन समस्याओं के समाधान के लिए चीनी मिल प्रबंधन ने उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया। चीनी मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह रावत और ट्रांसपोर्टरों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में ट्रांसपोर्टरों ने गन्ना सप्लाई के चक्कर बढ़ाने और देहरादून मार्ग पर गन्ने से भरे ट्रकों की नो इंट्री जोन खत्म करने की मांग रखी। साथ ही अन्य मांगों पर भी कार्रवाई करने की बात कही। चीनी मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह ने बैठक में प्रत्येक वाहन को 16 चक्कर गन्ने की आपूर्ति सप्लाई देने, नो एंट्री जोन को खत्म करने के लिए एसएसपी से वार्ता करने का आश्वासन दिया। बैठक में चीनी मिल प्रबंधन के सकारात्मक रवैये को देखते हुए ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। प्रबंधन के साथ वार्ता में ट्रांसपोर्टर बलविदर सिंह हैप्पी, पुष्पेंद्र सिंह, महिपाल सिंह राठी, पवित्र सिंह, अनूप तोपवाल, सागर मलिक व गन्ना समिति डोईवाला के अध्यक्ष मनोज नौटियाल, रणजोध सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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