सत्यापन के नाम पर नहीं होगा व्यापारियों का उत्पीड़न

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : राज्य कर विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में ऋषिकेश में व्यापारियों को जीएसटी के प्रविधानों को लेकर व्यापारियों के समक्ष आने वाली समस्याओं का समाधान किया गया। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।

बुधवार को व्यापार सभा भवन में आयोजित कार्यशाला में राज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर राकेश वर्मा व डिप्टी कमिश्नर एसएस तिरुवा ने ने बताया कि शून्य की रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों व नकद कर जमा न करके केवल आइटीसी का लाभ लेने वाले व्यापारियों का ही सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने व्यापार मंडल व समस्त व्यापारियों को आश्वासन दिलाया कि किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी प्रविधानों के अन्तर्गत केवल वित्तीय वर्ष 2017-18 की स्कू्रटनी की अंतिम तिथि को ही बढाया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 की स्क्रूटनी की अंतिम तिथि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। कार्यशाला में अस्तित्वहीन फर्मां एवं उनके द्वारा प्रेषित की जाने वाली आइटीसी रिवर्सल के संबंध में व्यापारियों को अवगत कराया गया। साथ ही निर्देश दिए सभी व्यापारियों को अपना जीएसटी नंबर साइन बोर्ड एवं इनवाइस पर अवश्य अंकित करना अनिवार्य है। कार्यशाला में असिस्टेंट कमिश्नर अंजनी कुमार सिंह, पल्लवी चुफाल, राज्य कर अधिकारी राजीव तिवारी, संदीप चानना प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, महासचिव हर्षित गुप्ता, नगर उद्योग व्यापार मंडल से अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, व्यापार सभा अध्यक्ष मनोज कालड़ा, महामंत्री पदम शर्मा, मुखर्जी मार्ग व्यापार सभा के अध्यक्ष विवेक वर्मा, महामंत्री सौरभ गर्ग, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई के अध्यक्ष सुमित बाली, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के मंत्री पवन गोयल आदि मौजूद रहे।

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