देहरादून, जेएनएन। जून में दून में टमाटर के भाव आसमान छू रहे हैं। टमाटर के दाम 90 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। आम आदमी के खाने से टमाटर गायब हो गया है। दाम बढ़ने का कारण आवक कम होना बताया जा रहा है, लेकिन फुटकर मंडियों में मनमानी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।

दून में टमाटर आम आदमी का बजट बिगाड़ रहा है। पहाड़ों से पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण दून में टमाटर की उपलब्धता कम हो गई है। जबकि, सहारनपुर और दिल्ली से टमाटर की आवक बेहद कम है। ऐसे में दून के बाजारों में बीते एक सप्ताह के भीतर टमाटर 50 रुपये से 90 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। मंडी समिति के अधिकारियों की मानें तो बीते माह से ही टमाटर की आवक कम बनी हुई है। किसानों का भी कहना है कि बारिश के कारण टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचने से उपलब्धता घटी है।

मंडी सचिव विजय थपलियाल के अनुसार टमाटर के थोक भाव में इजाफा हुआ है। इसका मुख्य कारण मंडी में आवक घटना है। सामान्य दिनों की तुलना इन दिनों टमाटर की 60 फीसद ही आवक है। बुधवार को भी मंडी में आवक 350 कुंतल ही रही। जबकि, सामान्य दिनों में मंडी में 500 कुंतल से अधिक आवक रहती है। पहाड़ों में भूस्खलन के कारण कई मार्गों पर परिवहन बाधित रहने से भी टमाटर नहीं पहुंच सका। उम्मीद है अगले कुछ दिन में स्थिति सामान्य हा जाएगी।

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मंडी में 40 का टमाटर बाहर 90

मंडी में टमाटर का थोक भाव बढ़कर 40 रुपये हो गया है। लेकिन, इसमें शुल्क और ढुलाई खर्च जोड़ने के बावजूद यह 50 रुपये से अधिक नहीं पड़ता। इसके बावजूद फुटकर में 70 से 90 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। प्रशासन ने फुटकर व्यापारियों की मनमानी रोकने को कार्रवाई की बात तो की है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। 

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