जागरण संवाददाता, देहरादून। जिस कारगी रोड पर जनता करीब दो साल से गड्ढों में हिचकोले खा रही है, उसकी मरम्मत की आस शुरुआत में ही लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। लंबे इंतजार के बाद लोनिवि निर्माण खंड ने यहां पर बुधवार को टाइल्स लगाने की शुरुआत की, मगर जिस हिस्से पर टाइल्स लगाई गई, उसके नीचे पेयजल लाइन टूटी हुई है। लिहाजा, टाइल्स का उखड़ना तय है।

कारगी रोड (कारगी चौक से लालपुल) पर विद्या विहार फेज-दो के पास कुछ समय पहले पेयजल लाइन में लीकेज की समस्या आई थी। तब जल संस्थान ने इसे दुरुस्त कर दिया था। सड़क के आसपास निजी स्तर पर किए जा रहे निर्माण कार्य के चलते लाइन दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। लाइन सड़क के नीचे दबी होने के चलते पता नहीं चल पा रहा है कि पानी कहां से लीके कर रहा है।

बुधवार सुबह जब लोनिवि ने यहां टाइल्स बिछाने का काम शुरू किया, तब भी पानी लीक कर रहा था। इसके बाद भी अधिकारियों ने इस बात की जहमत नहीं उठाई कि पहले लाइन को ठीक कराना जरूरी है। लीकेज के बीच ही टाइल्स बिछाने का काम शुरू कर दिया गया। सड़क के करीब 30 मीटर भाग पर टाइल्स बिछा भी दी गई हैं। नई टाइल्स के नीचे से हो रही लीकेज को लेकर क्षेत्रवासी भी हैरान हैं। नागरिकों का कहना है कि यह न सिर्फ धन की बर्बादी है, बल्कि मरम्मत कार्य के नाम पर मजाक भी है।

जल संस्थान दिया टका सा जवाब

लीकेज की शिकायत पर बुधवार शाम को जल संस्थान के कर्मचारी लीकेज ठीक करने पहुंचे और वहां टाइल्स बिछाए जाने के कार्य पर रोक लगाने की मांग भी की। ताकि लीकेज ठीक करने के बाद टाइल्स लगाई जा सके। हालांकि, लोनिवि ने काम रोकने स इन्कार कर दिया। फिलहाल लीकेज वाले भाग के ऊपर टाइल्स बिछी हैं और पानी वहां रिसकर बाहर आ रहा है।

बैठकों में समन्वय की बात और धरातल पर सब हवा

पूर्व में जिलाधिकारी की विभिन्न बैठकों में निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिया जाता रहा है कि वह आपस में समन्वय बनाकर काम करें। ताकि मरम्मत के बाद सड़क की खोदाई की नौबत न आए। बैठकों में अधिकारी हां में सिर हिलाते हैं और बाहर आकर फिर उसी ढर्रे पर चल पड़ते हैं। कारगी रोड का यह ताजा उदाहरण बताता है कि एजेंसियों में समन्वय की क्या स्थिति है। 

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प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष(लोनिवि) हरिओम शर्मा ने बताया कि कारगी रोड पर लीकेज वाले हिस्से के ऊपर टाइल्स बिछाना जनता के धन की बर्बादी है। अधिकारियों का जवाब-तलब किया जाएगा कि मरम्मत कार्य से पहले जल संस्थान को सूचित क्यों नहीं किया गया। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति के लिए भी सचेत किया जाएगा। साथ ही निर्देश दिए जाएंगे कि लीकेज को शीघ्र ठीक कराया जाए।

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Edited By: Raksha Panthri