जागरण संवाददाता, देहरादून: रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी (सीएफयू) में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर शातिर ने देहरादून की एक छात्रा से 15 लाख 67 हजार 600 रुपये ठग लिए। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

देहरादून के बंजारावाला की रहने वाली महिला बीना रतूड़ी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी ने वर्ष 2018 में नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) में 339 अंक पाए थे। कम अंक की वजह से उसे प्रवेश नहीं मिला।

वर्ष 2019 में उसने फिर से नीट की परीक्षा दी और 411 अंक हासिल किए, लेकिन फिर से देश के किसी मेडिकल कालेज में उसे प्रवेश नहीं मिला। उनकी बेटी के साथ विशाल उपाध्याय भी नीट की तैयारी कर रहा था। उसने रूस के मारी राज्य स्थित एक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में प्रवेश ले लिया।

इस पर उनकी बेटी ने विशाल से कहा कि उसे भी किसी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में प्रवेश लेना है। इसके लिए विशाल ने शाहीन बाग, जामिया नगर, दिल्ली के रहने वाले मोहम्मद फैजल अजीज का फोन नंबर उसे दिया।

बेटी ने मोहम्मद फैजल से संपर्क किया तो उसने वर्ष 2020 में रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी में उसे प्रवेश दिला दिया। इसके एवज में उसने अलग-अलग किस्तों में करीब 16 लाख 67 हजार 600 रुपये मांगे।

पहले मोहम्मद फैजल ने 21 अगस्त 2020 को एडमिशन फार्म भरने के लिए उनसे पांच हजार रुपये आनलाइन मांगे। इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बेटी का टेस्ट लिया गया, जिसे उसने पास कर लिया।

दो महीने बाद वीजा लगवाने के एवज में आरोपित फैजल ने 74 हजार रुपये मांगे। तीन नवंबर को आरोपित ने छह लाख रुपये मांगे। चार नवंबर को आरोपित ने छात्रा से कहा कि जब तक पूरी फीस जमा नहीं होगी, प्रवेश नहीं मिल पाएगा।

ऐसे में छह नवंबर को उसने आठ लाख रुपये मांगे। इसके बाद एक लाख 10 हजार रुपये अन्य खर्चों के नाम पर अपने बैंक खाते में डलवाए। दिसंबर 2020 में कोविड के कारण छात्रा की आनलाइन कक्षाएं शुरू हो गईं, जो कि मार्च 2021 तक चलीं। अप्रैल 2021 में सभी छात्र-छात्राओं को यूनिवर्सिटी ने बुलाया।

29 मार्च को पीड़ि‍त छात्रा ने रूस जाने के लिए फैजल अजीज से वीजा लगवाने के लिए कहा तो उसने 30 अप्रैल को वीजा लगवा दिया। मई 2021 में दोबारा कोरोना केस बढ़ने के कारण वह रूस नहीं जा पाईं।

अक्टूबर 2021 में छात्रा पहली बार रूस गई। फ्लाइट का टिकट बुक करने के एवज में फैजल ने उनसे 65,800 रुपये लिए। बाकी 12,800 रुपये आरोपित ने दिल्ली हवाई अड्डे पर नकद लिए। जब वह यूनिवर्सिटी के डीन आफिस में पहुंची तो पता चला कि उसकी एमबीबीएस की फीस जमा नहीं थी।

फीस जमा न होने के कारण यूनिवर्सिटी ने उसे वापस भारत भेज दिया। इस मामले में जब उन्होंने फैजल से बात की तो उसने कहा कि प्रथम वर्ष की फीस जमा है, दूसरे व तीसरे साल की फीस वह जल्द जमा कर देगा।

18 अक्टूबर 2021 को यूनिवर्सिटी ने छात्रा को निष्कासित कर दिया। जब छात्रा ने फिर से फैजल से संपर्क किया तो मई 2022 को उसने एक लाख रुपये छात्रा को वापस कर दिए, लेकिन शेष रकम देने से साफ इन्कार कर दिया। पटेलनगर कोतवाली निरीक्षक रविंदर यादव ने बताया कि आरोपित मोहम्मद फैजल अजीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।