जागरण संवाददाता, देहरादून। दून में कोरोना महामारी में साइबर अपराध बढ़ गए हैं। शातिर फोन पर आमजन को झांसे में लेकर उनकी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। टैक्सी बुक करने के नाम पर एक ठग ने खाते से 56 हजार रुपये उड़ा दिए। जबकि, एक अन्य मामले में लोन देने के बहाने आरोपित ने 70 हजार रुपये का चूना लगा दिया।

वाणी विहार निवासी अमित सेमविल ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि उनका छोटा भाई जॉन मोहित निशा टूर एंड ट्रेवल्स में बतौर ड्राइवर काम करता है। उन्हें जयपुर की बुकिंग मिली थी। जिस व्यक्ति ने टैक्सी बुक कराई थी, उसने फोन कर टैक्सी को सुबह छह बजे बीएसएफ कैंप, डोईवाला पहुंचने को कहा। जब टैक्सी लेकर जॉन वहां पहुंचा तो उसने सवारी को फोन किया। सवारी ने कहा कि वे अपना गूगल पे नंबर भेजें। उन्हें आधी पेमेंट अभी हो जाएगी और आधी पेमेंट बाद में की जाएगी।

इस पर जॉन ने मालिक का नंबर सवारी को भेज दिया। लेकिन, सवारी ने इस नंबर पर गूगल पे काम न करने की बात कही। जिस पर जॉन ने सवारी को अपने भाई अमित का नंबर दिया और भाई को फोन कर कहा कि उनके नंबर पर एक सवारी गूगल पे से पेमेंट करेगी। इस पर उन्हें एक क्यूआर कोड भेजा गया और सवारी ने फोन कर उसे स्कैन करने को कहा। पेमेंट प्राप्त करने के लिए उन्होंने कोड को स्कैन किया। तभी उनके खाते से कुल 56000 रुपये कट गए।

उधर, एक अज्ञात व्यक्ति ने लोन देने के नाम पर पीड़ित के 70 हजार रुपये उड़ा लिए। शिकायत के अनुसार सुभाष कुमार निवासी पथरियापीर ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। जिसने खुद को सुविधा लोन कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोपित ने उन्हें कहा कि वह उनके खाते में 20 हजार रुपये डालेगा और कुछ दिन बाद वापस ले लेगा। गूगल पे पर आरोपित ने एक रुपये भेजे और फिर उसने 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। इसी प्रकार उसने 20-20 व 10 हजार रुपये की और रिक्वेस्ट भेजी व स्वीकार करने को कहा। रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही पीड़ित के खाते से 70 हजार रुपये कट गए।

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