देहरादून, जेएनएन। अवैध वसूली के आरोप में डोईवाला कोतवाली के तीन सिपाहियों को डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने निलंबित कर दिया है। वहीं तीनों के खिलाफ डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गत सप्ताह एक व्यक्ति ने डीआइजी से शिकायत की थी कि डोईवाला कोतवाली में तैनात तीन पुलिसकर्मियों अजय बिष्ट, पुष्पेंद्र और विनीत ने रानीपोखरी क्षेत्र में पहुंचकर डरा धमकाकर उनसे 20 हजार रुपये ले लिए। डीआइजी ने तुरंत तीनों पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया।

साथ ही पूरे मामले की जांच सीओ राकेश देवली को सौंप दी। सीओ ने जांच रिपोर्ट डीआइजी को सौंप दी है। सोमवार को डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने तीनों सिपाहियों को निलंबित कर उनके खिलाफ डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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मजदूरी मांगने पर तोड़ा श्रमिक का हाथ

श्रमिक ने मजदूरी मांगने पर खेत मालिक पर पीटने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीआइजी से आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीआइजी ने विकासनगर थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। विकासनगर निवासी अमर सिंह ने डीआइजी को बताया कि एक व्यक्ति ने उसे खेतों में गेहूं काटने के लिए 400 रुपये दिहाड़ी पर रखा। आरोप लगाया कि 14 दिन तक काम करने के बाद जब उसने मजदूरी मांगी तो खेत के मालिक ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उसे बुरी तरह से पीटा। जिससे उसका हाथ टूट गया। विकासनगर थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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Posted By: Sunil Negi

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