संवाद सहयोगी, विकासनगर: सहसपुर ब्लाक क्षेत्र के अंतर्गत राजधानी से महज दस किमी की दूरी बसे चार गांव के लोगों का बरसात में संपर्क टूट जाता है। कारण कि बरसाती खाले पर पुल नहीं का निर्माण नही हो पाया है। स्थानीय लोग पुल निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके है। जबकि पूर्व में इस खाले में हुई दुर्घटना में दो छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं।

सहसपुर में कांसवाली, कंडोली, पालावाली और बैशाखवाली गांव हैं। चारों गांवों की आबादी करीब दस हजार है। यहां गुलाटा खाला पर पुल निर्माण नही होने से हर वर्ष लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय शेखर नौटियाल, राजेश, वीरेंद्र, विरेश, विशाल, रमन ने बताया कि बरसात में नाला उफान पर होने के चलते ग्रामीण गांव की सीमा से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब कोई बीमार पड़ जाए। ऐसे में ग्रामीण नाले के किनारे आकर पानी के कम होने का इंतजार करते रहते हैं। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2008 में गांव के ही दो छात्र नाला पार करते हुए बह गए थे, जिनका शव दो दिन बाद मिला था। बावजूद इसके कोई भी जिम्मेदार खाले पर पुल बनाने के लिए कार्रवाई नहीं कर रहा है। कांसवाली के बुजुर्ग श्याम ¨सह ने बताया कि कई दशकों से बरसात की आहट शुरु होते ही ग्रामीण तीन माह तक के लिए दैनिक उपयोग की सामग्री के साथ ही आवश्यक दवाईयां घरों में एकत्र कर लेते हैं, जिससे बरसात के दिनों में जरुरत के सामान को लेकर भटकना न पड़े। इतना ही नहीं ग्रामीणों की शिकायत कहना है कि पुल नहीं होने के चलते अन्य क्षेत्रों के लोग यहां रिश्ता करने से भी कतरा रहे हैं। उधर, सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर ने बताया कि गुलाटा खाला पर पुल निर्माण के लिए लोनिवि के माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है।

Posted By: Jagran