राज्य ब्यूरो, देहरादून: हल्द्वानी में आइएसबीटी बनाने की दिशा में सरकार अब तेजी से कदम बढ़ाती नजर आ रही है। आइएएसबीटी निर्माण को लेकर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में तीन स्थानों को चिह्नित किया है। इनमें कमलवागाजा स्थिति नोवा स्टील, फॉरेस्ट ट्रेनिंग सेंटर के निट और ओपन यूनिवर्सिटी के निकट तीन पानी में स्थित भूमि शामिल है। इन तीनों में आइएसबीटी बनाने की सबसे अधिक संभावना तीन पानी में पाई गई है। हालांकि, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने तीनों स्थानों का एक विस्तृत संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

हल्द्वानी में आइएसबीटी निर्माण को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में इसे गौलापार के खेड़ा में बनाने का निर्णय लिया था। यहां निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था लेकिन भाजपा सरकार ने इसका निर्माण कार्य बंद करा कर नए स्थान पर आइएसबीटी निर्माण का निर्णय लिया। इसके बाद इस पर खासा विवाद भी हुआ। आइएसबीटी निर्माण के लिए भूमि के चयन के लिए परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने परिवहन निगम के एमडी बीके संत की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। गुरुवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में आइएसबीटी निर्माण को लेकर हुई बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें तीन स्थान आइएसबीटी निर्माण के लिए सुझाए गए हैं। बैठक में बताया गया कि नोवा स्टील के निकट चयनित स्थान में काफी निजी भूमि आ रही है। वहीं एफटीआइ के निकट निर्माण में बड़ी संख्या में हरे पेड़ काटने पड़ेंगे। वहीं तीनपानी में अभी टू लेन का रास्ता है लेकिन फोर लेन बनाने के लिए यहां अतिक्रमण को हटाना होगा। इस पर परिवहन मंत्री ने इन तीनों स्थानों पर निर्माण होने की सूरत में इनमें आ रही लागत व अन्य समस्याओं के अध्ययन के लिए पीडब्लूडी, सिंचाई, राजस्व व वन के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि बस स्टैंड के निकट की कार्यशालाओं को भी शिफ्ट किया जाना है। लिहाजा इसी हिसाब से योजना बनाई जाए।

बैठक की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री ने बताया कि संयुक्त सर्वे में निर्माण की लागत, इसमें दिए जाने वाला मुआवजे आदि की भी गणना की जाए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के बढ़ते दबाव को देखते हुए काठगोदाम व हल्द्वानी से कार्यशाला भी शिफ्ट की जानी है, इसलिए इनके निर्माण की संभावना भी इसके आसपास तलाशी जाए।

बैठक में सचिव परिवहन डी सेंथिल पांडियन, एमडी परिवहन बृजेश संत, अपर सचिव परिवहन एचसी सेमवाल व अपर सचिव वित्त एलएन पंत व संयुक्त आयुक्त परिवहन एसके सिंह आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran