जागरण संवाददाता, देहरादून। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव काश्तकारों के सम्मान के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान सेब की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी और विशेषज्ञों के तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जिसमें काश्तकारों को आधुनिक विधि से सेब फसलोत्पादन और गुणवत्ता सुधार के गुर सिखाए गए।

देहरादून के रेंजर्स मैदान में आयोजित सेब महोत्सव के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने संबोधन दिया। उन्होंने सेब महोत्सव के सफल आयोजन पर उद्यान विभाग की सराहना की। साथ ही आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार के कार्यक्रम अन्य उद्यानिक गतिविधियों के विकास को भी समय-समय पर आयोजित किए जाएं। जिससे प्रदेश को उद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके। मंत्री ने उद्यान विभाग के कार्मिकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आयकर देने वाले किसानों को सब्सिडी का लाभ नहीं

विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जा रही सब्सिडी का लाभ निचले स्तर के किसानों तक पहुंचाने के लिए आयकर देने वाले किसानों को 10 लाख तक की योजनाओं में सब्सिडी नहीं दी जाएगी। काबीना मंत्री ने उद्यान विभाग को पांच वर्ष में सेब के आच्छादित क्षेत्रफल 25 हजार हेक्टेयर को बढ़ाकर 50 हजार हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य दिया। बताया कि प्रदेश में भले ही कृषि क्षेत्रफल में 17 प्रतिशत कमी आई है, लेकिन उत्पादकता में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

लाखामंडल के काश्तकार विजय को प्रथम पुरस्कार

उत्कृष्ट कार्य करने वाले काश्तकारों को काबीना मंत्री सुबोध उनियाल के हाथों सम्मानित किया गया। महोत्सव में कुल चोर श्रेणियों की 44 उप श्रेणियों में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें कुल 450 प्रतिभागियों ने सेब स्टाल के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में 97 प्रतिभागियों, जिसमें 38 प्रथम श्रेणी, 33 द्वितीय श्रेणी एवं 26 तृतीय प्रतिभाग करने वाले काश्तकारों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। ग्रीन स्मिथ और गेल गाला सेब प्रजाति के सेब विकसित करने के लिए लाखामंडल के काश्तकार विजय सिंह चौहान को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

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Edited By: Sunil Negi