जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: चारधाम यात्रा में आफलाइन पंजीकरण फिलहाल बंद है। आनलाइन पंजीकरण खुला हुआ है। कई प्रांतों से यहां आने वाले श्रद्धालुओं में धामों के दर्शन की बेताबी है। जिसका फायदा ट्रैवल एजेंट और साइबर कैफे संचालक उठा रहे हैं। शुक्रवार को चेक पोस्ट से लौटाए गए कुछ श्रद्धालुओं से बात करने पर इस बात का खुलासा हुआ कि उन्होंने प्रति यात्री 100 रुपये का भुगतान कर साइबर कैफे में पंजीकरण कराया है। यह भी बात सामने आई है कि चेक पोस्ट पर कुछ श्रद्धालुओं के पंजीकरण का बारकोड मेल नहीं खा रहा था। यात्री पंजीकरण में छेड़छाड़ का मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार ने ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

बदरीनाथ धाम को छोड़कर शेष तीन धाम का आफलाइन पंजीकरण पिछले तीन दिन से बंद है। बीते गुरुवार को ऋषिकेश में सिर्फ 500 श्रद्धालुओं के बदरीनाथ दर्शन के लिए आफलाइन पंजीकरण किए गए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। यात्रियों के जो बड़े ग्रुप हैं वह अपने प्रांत के ट्रैवल एजेंट के जरिये यहां आते हैं। यहां आने पर उन्हें पता चलता है कि आफलाइन पंजीकरण बंद है। सीधे-साधे श्रद्धालुओं को बताया जाता है कि बिना पंजीकरण यात्रा नहीं हो सकती और उन्हें उनके एजेंट साइबर कैफे तक ले जाते हैं।

शुक्रवार को चेक पोस्ट से वापस लौटाए गए श्रद्धालुओं के पंजीकरण प्रमाण पत्र जांचे गए तो अधिसंख्य के पास साइबर कैफे से प्रिट कराए गए प्रमाण पत्र मिले। इन श्रद्धालुओं ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित साइबर कैफे में अपने एजेंट के जरिये प्रत्येक यात्री पंजीकरण करने के लिए एक सौ रुपये भुगतान करना पड़ा है। इन यात्रियों ने बताया कि चेक पोस्ट पर उन्हें मिले प्रमाण पत्र बारकोड का स्केनर से मिलान किया गया तो वह मेल नहीं खा रहे थे। इसलिए उन्हें वापस कर दिया गया।

पंजीकरण प्रमाण पत्रों में साइबर कैफे में हो रही छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस मुख्यालय तक भी पहुंची है। शिकायत के तहत कुछ साइबर कैफे संचालक स्लाट की तिथि में छेड़छाड़ कर प्रमाण पत्र बना रहे हैं। जिसको लेकर पुलिस अब सख्त कदम उठाने जा रही है।

---------------

देखने में आ रहा है कि चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के आनलाइन पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्शाई गई तिथियों में छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

- अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड

Edited By: Jagran