जागरण संवाददाता, देहरादून। Third wave of coronavirus कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा और उपचार को लेकर राज्य सरकार ने प्राथमिक स्तर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश के बाल रोग विशेषज्ञों को कोविड संक्रमण के दौरान बच्चों की देखभाल और उपचार के बारे में सात दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों में 70 डॉक्टरों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा गठित स्टेट टास्क फोर्स की सदस्य सचिव और निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनात सभी 70 बाल रोग विशेषज्ञों को क्रमवार कोविड संक्रमण के उपचार के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना है। डॉक्टरों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी जिम्मेदारी अस्पताल के दूसरे डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने की होगी।

सोमवार को हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट की बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो अल्या गुप्ता एवं उनकी टीम और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. व्यास और उनकी टीम संबंधित जनपदों के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया। सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में डॉ. रितु रखोलिया और उनकी टीम ने प्रशिक्षण दिया। डॉ. नैथानी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से पूर्व राज्य स्तर पर 108 आपातकालीन सेवा के अंतर्गत संचालित एम्बुलेंस के 23 ईएमटी को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा चुका है।

यह सभी मास्टर ट्रेनर अब राज्य के विभिन्न जनपदों में संचालित हो रही एम्बुलेंस के ईएमटी को प्रशिक्षण सोमवार से पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ अर्चना श्रीवास्तव एवं दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने जिला स्तर पर ईएमटी को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है।

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Edited By: Raksha Panthri