देहरादून, जेएनएन। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए शहर लॉकडाउन है। वहीं, चैत्र नवरात्र भी शुरू हो चुके हैं, लेकिन अब तक नवरात्र के दौरान फलों के दाम में जिस तरह बढ़ोत्तरी होती थी वो इस बार देखने को नहीं मिल रही है। भक्त इस बात को मान रहे हैं कि मंदिर बंद होने कारण अधिकांश ने फलाहार व्रत नहीं रखे और मंदिर में फलों का चढ़ावा नहीं चढ़ाया। ऐसे में इस बार फलों के दाम में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई। 

इस समय फुटकर मंडी की बात करें तो केला 40 से 50 रुपये प्रति दर्जन, सेब 80 से 100 रुपये, संतरा 40 से 50, अंगूर 60 से 80 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि पिछले नवरात्र में इनके दाम 10 रुपये तक महंगे थे। मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि इस समय सभी फल मंडियों तक पहुंच रहे हैं। समय-समय पर ओवर रेट को लेकर सख्त निर्देश दिए जाते हैं। 
यही वजह है कि फुटकर में भी उपभोक्ताओं को सही दाम पर फल सब्जी मिले इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस बार नवरात्र में फलों की माग भी कम है इसलिए दाम पिछली बार के मुकाबले कम हैं। क्या कहते हैं लोग पटेलनगर निवासी स्वाति बताती हैं कि पहले मंदिरों में फलों को चढ़ाने के लिए दुकानदार नवरात्र शुरू होने से दो दिन पहले दाम बढ़ा देते थे। लेकिन, इस बार सभी मंदिर बंद हैं। 
ऐसे में इस बार फलों के दाम नवरात्र शुरू होने से पहले की तरह हैं। वहीं, विद्या विहार निवासी शिवानी ने बताया कि हर नवरात्र में वह फल खरीदती हैं, लेकिन दाम ज्यादा होते हैं। इस बार नवरात्र से कुछ दिन पहले वाले दामों पर फल उपलब्ध हो रहे हैं। पलटन बाजार निवासी सीमा ने बताया की पहले लोग नवरात्र में हर दिन व्रत रखते थे, लेकिन इस बार पहला और अंतिम व्रत रखा है। ऐसे में फलों की माग कम होने से दाम नहीं बढ़े।

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