जागरण संवाददाता, देहरादून: भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी और इससे संबंधित वेंडर्स पर जीएसटी इंटेलीजेंस यूनिट की छापेमारी के बाद अब कंपनी संचालकों से भी पूछताछ पूरी कर ली गई है। साथ ही कंपनी संचालकों व वेंडर्स के ठिकानों से जब्त किए गए दस्तावेज यूनिट के स्थानीय कार्यालय में जमा किए जाने लगे हैं। हालांकि, दस्तावेजों की संख्या इतनी अधिक है कि जांच पूरी होने में दो से तीन माह का समय लग सकता है।

डायरेक्टोरेट जनरल आफ जीएसटी इंटेलीजेंस की गाजियाबाद व देहरादून यूनिट के अधिकारियों ने भारत कंस्ट्रक्शन व इससे संबंधित वेंडर्स पर मंगलवार को छापेमारी की थी। यूनिट के सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में यह पता चला है कि वर्ष 2017-18 में जब से जीएसटी लागू किया गया, तभी से फर्जी बिल के जरिये आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का क्लेम लेने का सिलसिला शुरू कर दिया गया था। इस तरह के बिल को लेकर कंपनी संचालकों से लंबी पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, संचालकों ने आइटीसी में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है, मगर जितनी देनदारी अधिकारी बता रहे हैं, उस पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।

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छापेमारी में जब्त किए गए तमाम दस्तावेज यूनिट कार्यालय पहुंच गए हैं और उनकी जांच शुरू कर दी गई है। छापेमारी में शामिल कुछ टीमों के दस्तावेज अभी जमा नहीं किए जा सके हैं। संबंधित अधिकारियों को जल्द दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया है।

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Edited By: Sumit Kumar