संवाद सहयोगी, डोईवाला : उत्तराखंड के पहले होम्योपैथिक मेडिकल कालेज बनने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को होम्योपैथिक प्रभारी निदेशक डा. जीएन फिरमाल ने बुल्लावाला में भूमि का निरीक्षण किया।

डोईवाला में होम्योपैथिक मेडिकल कालेज खोले जाने की सरकार ने घोषणा की गई थी। जिसके बाद कालेज के लिए डोईवाला के साकरी गांव में भूमि का चयन किया गया था। लेकिन वहां पर वन विभाग एवं राजस्व विभाग की ओर से भूमि विवाद के कारण भूमि का चयन नहीं हो पाया था। जिसको लेकर उप जिलाधिकारी डोईवाला ने बुल्लावाला में खाली पड़ी भूमि का प्रस्ताव विभाग को भेजा था। जिसको लेकर शनिवार को होम्योपैथी प्रभारी निदेशक डा जेएन फिरमाल, तहसीलदार मोहम्मद शादाब, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी प्रियंका भारद्वाज के साथ ही वन अधिकारियों ने भूमि का मौका मुआयना कर निरीक्षण किया । जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भूमि होम्योपैथी विभाग को मिलने के बाद इस मेडिकल कालेज की नींव रखी जा सकेगी। पत्रकारों से वार्ता करते हुए होम्योपैथिक प्रभारी निदेशक ने बताया कि यह होम्योपैथिक कालेज उत्तराखंड का पहला मेडिकल कालेज होगा जिससे उत्तराखंड के साथ ही इसके आसपास के अन्य राज्यों के छात्र-छात्राएं भी होम्योपैथी पद्धति का लाभ ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह भूमि विभाग के नाम स्थानांतरित होती है। उसके तीन से चार माह बाद ही मेडिकल कालेज का प्रथम चरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान होम्योपैथी के उपनिदेशक कमलजीत सिंह, तहसीलदार मोहम्मद शादाब, चिकित्सा अधिकारी प्रियंका भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल आदि मौजूद रहे।

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