देहरादून, जेएनएन। देहरादून के रेलवे स्टेशन पर करीब दस साल बाद यात्रियों ने कुल्हड़ चाय का स्वाद चखा। यात्रियों ने चाय की चुस्की में मिट्टी की खुशबू के स्वाद का बखूबी आनंद लिया। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के साथ ही रेलवे स्टेशन पर पेय पदार्थ अब कुल्हड़ में पीने को मिलेंगे। गांधी जयंती के अवसर पर इसे लागू कर दिया गया है। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में रेलवे स्टेशन पर लगे सभी खान-पान के स्टॉलों पर कुल्हड़ में ही चाय परोसी जाती थी। लेकिन 2009 में कार्यकाल बदलते ही समय के साथ कुल्हड़ का स्थान प्लास्टिक के गिलासों ने ले लिया। हालाकि अब प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के चलते पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर भी इसका उपयोग पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। पहले कागज के गिलास प्रयोग किए जा रहे थे। अब रेलवे ने कुल्हड़ का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। गाधी जयंती से इसकी शुरुआत कर दी गई है।

एसके अग्रवाल ( निवासी देहरादून) का कहना है कि रेलवे बोर्ड की यह सराहनीय पहल है, इससे प्लास्टिक पर लगाम के साथ चाय के स्वाद में भी इजाफा होगा।

राज किशोर ( निवासी बिहार) का कहना है कि सरकार ने यह बढ़ि‍या कदम उठाया है, चाय पीने का जो मजा कुल्हड़ में है वह प्लास्टिक के गिलासों में कहां। इससे प्लास्टिक के उपयोग पर लगाम लगेगी। 

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विवेक घई (निवासी देहरादून) का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना बेहद जरूरी था, इससे हेंडीक्राफ्ट को भी बढ़ावा मिलेगा। खाद्य सामग्री भी प्लास्टिक की जगह कुल्हड़ में ज्यादा सुरक्षित रहेगी।राघव पासवान (निवासी बिहार) का कहना है कि दून से बिहार आना-जाना लगा रहता है, आज स्टेशन पर कुल्हड़ की चाय पीने को मिली, चाय के स्वाद में मजा आ गया। रेलवे का यह प्रयास सराहनीय है। 

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