देहरादून, जेएनएन। चर्चित पुलिस लूट कांड के आरोपित पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई अंतिम दौर में चल रही है। मंगलवार को पुलिस महानिदेशक अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई के बारे में आइजी गढ़वाल से जानकारी ली। अब तक कार्रवाई पूर्ण न होने का कारण पूछा और जल्द कार्रवाई पूरी करने के निर्देश भी दिए। इसको लेकर अंदर खाने पुलिसकर्मियों के जल्द बर्खास्त होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच बीते चार अप्रैल की रात प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार से निलंबित दारोगा दिनेश नेगी समेत तीन अन्य पुलिस कर्मियों पर बैग लूटने का आरोप लगा था। तब प्रॉपर्टी डीलर की ओर से बैग में मोटी रकम बताई गई थी। लंबी जांच के बाद इस मामले में अनुरोध की तहरीर पर डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस वारदात में आईजी गढ़वाल की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था। गाड़ी आरक्षी चालक हिमांशु उपाध्याय चला रहा था, जबकि चालक के बगल की सीट पर सिपाही मनोज अधिकारी बैठा दिखा। 

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मनोज घुड़सवार पुलिस में है और उस समय पुलिस लाइन से संबद्ध था। वहीं पिछली सीट पर सादी वर्दी में दारोगा दिनेश सिंह नेगी बैठा दिखा। बाद में इस प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। विधिक कार्रवाई के साथ ही प्रकरण में विभागीय जांच भी बैठाई गई थी। इस प्रकरण की जांच एसपी क्राइम पीसी आर्य के पास है। डीजी अशोक कुमार ने आईजी गढ़वाल से विभागीय जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच पूरी कर कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं, एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि प्रकरण में जांच रिपोर्ट मिलते ही आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

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Posted By: Raksha Panthari

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