जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और चिकित्सा स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा. धनसिंह रावत ने राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष चर्चा की। स्वामी चिदानंद ने स्वर्गाश्रम क्षेत्र में एक जन औषधि केंद्र खोलने का सुझाव कैबिनेट मंत्री को दिया।

स्वामी चिदानंद ने कहा कि कुंभ तथा कांवड़ मेला के अलावा पर्यटकों की आमद वाले स्वर्गाश्रम क्षेत्र में जनऔषधि केंद्र का होना अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए परमार्थ निकेतन निश्शुल्क स्थान उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान नीलकंठ महादेव पैदल मार्ग पर शिव भक्तों की अपार भीड़ होती है। पैदल यात्रा के दौरान यात्रियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। राजाजी नेशनल पार्क, नीलकंठ पैदल मार्ग पर प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान परमार्थ निकेतन की ओर से निश्शुल्क प्राथमिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाता है।

कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत ने कहा कि स्वामी चिदानंद के साथ बैठक अत्यंत सारगर्भित रही। शिक्षा और चिकित्सा अनेक विषयों पर स्वामी चिदानंद से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस वर्ष यमकेश्वर ब्लाक के चिकित्साधिकारी अपनी चिकित्सा टीम के साथ परमार्थ निकेतन के साथ मिलकर कांवड़ चिकित्सा शिविर में अपनी सेवायें देंगे। ताकि कांवड़ियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सके। परमार्थ निकेतन में जन औषधि केंद्र खोलने के प्रस्ताव को भी स्वीकार करते हुए उन्होंने इसे शीघ्र खोलने के लिए कार्ययोजना बनाने के विषय में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को टयूबरकुलोसिस फ्री करने की दिशा में परमार्थ निकेतन में आगामी माह में ट्यूबरक्लोसिस स्क्रीनिग शिविर का आयोजन किया जायेगा। कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने प्रात:काल परमार्थ गंगा तट पर गंगा स्नान, गंगा पूजन और विश्व शांति हवन में भी सहभाग किया।

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