देहरादून, आयुष शर्मा। सरकार दूर- दूराज में पढ़ रहे स्कूली छात्रों को वाहन भत्ता देने की तैयारी कर रही है। इस संबंध मे मुख्य सचिव शिक्षा ने शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशालय ने विभाग को ऐसे सुदूरवर्ती इलाकों के स्कूलों के चिह्नीकरण और छात्र संख्या का ब्यौरा जुटाने के निर्देश प्रदेश के सभी सीईओ और डीईओ को दिए हैं। 

सितंबर महीने में शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अपने घर से लंबी दूरी तय कर पढ़ाई करने जा रहे छात्रों को वाहन भत्ता दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। अब इस पर काम शुरू हो गया है। राजकीय माध्यमिक विद्यालय पुनगांव के आधार पर प्रदेश में उच्चीकरण का मानक पूरे नहीं करने वाले स्कूलों और इनमें पढ़ रहे छात्रों की संख्या भी निदेशालय ने तलब की है। जहां पर छात्रों को कई किमी दूर स्कूल जाना पड़ता है। इसी के तहत उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा जीएस सौन ने प्रदेश भर के सीईओ को पत्र जारी कर उच्चीकरण का मानक पूरे नहीं कर रहे स्कूलों का डाटा तैयार कर छात्रों के वाहन भत्ते के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव शासन को भेजने के आदेश दिए हैं। 

भत्ते पर अभी स्थिति साफ नहीं 

शासन के आदेश पर अभी यह साफ नहीं है कि छात्रों को कितना वाहन भत्ता दिया जाएगा। साथ ही एक किलोमीटर की दर से छात्रों को कितनी धनराशि मिलेगी। वहीं ऐसे स्कूल जहां तक सड़क जाती है, वहां वाहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाने की बात सामने आ रही है। 

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में अब करियर काउंसलिंग ब्योरा नहीं दिया, तो नपेंगे प्राचार्य

इन स्कूलों को बनाया गया आधार 

गैरसैंण चमोली के राजकीय प्राथमिक विद्यालस बिषौणा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुगड़ और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुनगांव को आधार बना कर वाहन भत्ते का सुझाव रखा गया है। बिषौणा और सुगड़ के छात्र क्रमश: छह और पांच किलोमीटर की दूरी तय कर माध्यमिक की शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। वहीं, पुनगांव माध्यमिक के छात्रों को इंटर की पढ़ाई करने 12 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। 

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में 715 शिक्षकों को मिली अनिवार्य तबादलों से राहत

Posted By: Raksha Panthari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस