देहरादून, जेएनएन। सीआइसीएसई और सीबीएसई बोर्ड का परिणाम जारी हो गया है। ऐसे में अब छात्रों को उच्च शिक्षा से ज्यादा स्वरोजगार की चिंता सता रही है। सीबीएसई और परी फाउंडेशन की काउंसलर डा. सोना कौशल गुप्ता के पास आ रहे फोन कॉल में स्कूली छात्र अपने तनाव की बात साझा कर रहे हैं। कोरोना के बाद से छात्रों में उच्च शिक्षा से ज्यादा सीधा रोजगार या स्वरोजगार शुरू करने का रुझान भी बढ़ने लगा है।

कोरोनाकाल में रोजगार संकट का डर छात्रों में भी है। इससे उनका पढ़ाई के प्रति रुझान भी घट रहा है। छात्र अब उच्च शिक्षा में दाखिला लेने से बेहतर सीधा स्वरोजगार शुरू करने या नौकरी करने को तवज्जो दे रहे हैं। डॉ. सोना कौशल ने बताया कि कोरोना के बाद से लगातार छात्र-छात्रएं अपना रोजगार शुरू करने के रास्ते पूछ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब संकट के दौर में रोजगार की गारंटी नहीं तो इससे अच्छा अपना व्यवसाय शुरू किया जाए।

दोस्तों से बात करने की छूट दें

मार्च महीने में लॉकडाउन लागू होने के बाद से स्कूली छात्र शायद ही घर से बाहर निकले हों या दोस्तों से मिले हों। घर पर लगातार अभिभावकों की बढ़ती निगरानी भी छात्रों में तनाव का कारण बन रही है। डॉ. सोना कौशल ने बताया कि अभिभावकों को बच्चों को दोस्तों से बात करने और अपना निजी जीवन और तनाव साझा करने देने की सलाह दी जा रही है।

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सीबीएसई में भी मिलेगी डिजिटल लॉकर की सुविधा

कोरोना के चलते अंकतालिका छात्रों के हाथ में आने में समय लग सकता है। ऐसे में सीबीएसई बोर्ड ने अंकतालिका छात्रों के डिजिटल लॉकर में जारी करने का निर्णय लिया है। इससे पहले सीआइएससीई भी यह सिस्टम अपना चुका है। सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने बताया कि इसके लिए अभी बोर्ड स्तर से तैयारियां की जा रही हैं। बता दें कि सीबीएसई द्वारा भी कोई रैंक लिस्ट जारी न करने की तैयारी की जा रही है। निदेशक ने बताया कि इस पर पूरी जानकारी परिणाम के दिन दीजाएगी।

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Posted By: Raksha Panthari

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