उत्तराखंड में स्टार्टअप क्रांति: देहरादून IT पार्क में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, स्टार्टअप में मिलेगी मदद
एसटीपीआइ ने देहरादून के आइटी पार्क में नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू की है, जिसका लक्ष्य उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

HighLights
आइटी पार्क में 30 हजार वर्ग फुट की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी।
20 हजार युवाओं के स्टार्टअप को मान्यता देने का लक्ष्य।
तकनीक आधारित उद्यमों को बढ़ावा, 4.25 करोड़ की सीड फंडिंग।
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाकर प्रतिवर्ष 20 हजार युवाओं के स्टार्टअप को मान्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर तैयारी कर रहे हैं।
इसी दिशा में साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स आफ इंडिया (एसटीपीआइ) ने देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित आइटी पार्क में नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू की है। इससे प्रदेश के युवाओं को तकनीक आधारित उद्यम स्थापित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।
राज्य को मिला पहला इन्क्यूबेशन सेंटर
भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एसटीपीआइ ने आइटी पार्क में करीब 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में फैली चार मंजिला इन्क्यूबेशन फैसिलिटी स्थापित की है।
यहां आइटी और आइटीईएस कंपनियों, स्टार्टअप्स तथा तकनीक आधारित उद्यमों को आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। इस सुविधा के माध्यम से युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को उत्पाद और सफल उद्यम में बदलने में सहायता मिलेगी। साथ ही तकनीकी विकास, उद्यमिता और रोजगार सृजन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
इन तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार की व्यापक संभावनाएं
इनमें इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी), ब्लाकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स, आगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी, एनीमेशन एवं विजुअल इफेक्ट्स, डेटा साइंस एवं एनालिटिक्स, गेमिंग, फिनटेक और एग्रीटेक प्रमुख हैं।
इसके अलावा इलेक्ट्रानिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सुरक्षा, इंडस्ट्री 4.0 और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी स्टार्टअप्स के लिए संभावनाएं विकसित की जाएंगी।
17 स्टार्टअप्स को 4.25 करोड़ की सीड फंडिंग: सचिव
नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम के अंतर्गत चैलेंज कार्यक्रमों के माध्यम से 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग प्रदान की गई है। वहीं, 26 से अधिक स्टार्टअप्स को 90 हजार रुपये प्रति स्टार्टअप स्टाइपेंड दिया गया है।
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, इन पहलों से प्रदेश में प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार को गति मिलेगी। इससे युवाओं को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार के अवसर तैयार करने में सहायता मिलेगी।
