जागरण संवाददाता, देहरादून: कोलकाता की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के दो मुख्य आरोपितों जितेंद्र तनेजा और अजय अरोड़ा की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। दोनों ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट में अर्जी डाली थी। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर 27 जून तक सशर्त रोक लगा दी। जबकि सामूहिक दुष्कर्म का एक अन्य आरोपित अभी तक फरार चल रहा है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। विदित है कि थाना प्रेमनगर में मंगलवार को कोलकाता की एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। युवती का आरोप था कि सोमवार की रात को कांग्रेसी कैंट बोर्ड सभासद जितेंद्र तनेजा, जागरण पार्टी का काम करने वाले बंटी उर्फ अजय अरोड़ा, सुमित और एक अन्य ने उसे बंधक बनाकर शीतल पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने घटना स्थल की जांच कर युवती का मेडिकल कराया और आरोपितों की तलाश शुरू कर दी और दो आरोपितों सुमित और एक अन्य भानू नाम के युवक जो युवती को आरोपितों के पास ले गया था, गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, तीन आरोपित जितेंद्र तनेजा, अजय अरोड़ा और एक अन्य फरार हो गए। अगले दिन पुलिस ने अन्य आरोपित सागर चांदना की भी पहचान कर ली थी और तीनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई। इसके लिए पुलिस के साथ ही एसओजी को लगाया गया था। लेकिन, पुलिस और एसओजी तीनों आरोपितों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। इससे पहले कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती इनमें से दो मुख्य आरोपित कांग्रेसी कैंट बोर्ड सभासद जितेद्र तनेजा और अजय अरोड़ा कोर्ट पहुंच गए और अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट से स्टे ले आए। एसओ प्रेमनगर मुकेश त्यागी ने स्टे की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों को 27 जून तक सशर्त स्टे मिला हुआ है। कोर्ट ने दोनों को अपना डीएनए टेस्ट कराने को कहा है। बताया कि तीसरे आरोपी सागर चांदना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।