देहरादून, राज्य ब्यूरो। कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से गांवों को बाहर करने के मसले पर 26 नवंबर को होने वाली राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मुहर लग सकती है। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष थामने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के साथ ही अन्य कई मुद्दे भी रखे जाएंगे। इन सबके मद्देनजर बोर्ड की इस बैठक को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

यह पहला मौका है जब राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक तीसरे माह हो रही है। पिछली बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि हर तीन माह में नियमित रूप से बोर्ड की बैठकें हों, जिससे संरक्षित क्षेत्रों से जुड़े मसलों के निस्तारण में कोई पेच न फंसे। इसे देखते हुए बोर्ड की 26 नवंबर को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण मसलों पर निर्णय लिए जाएंगे। बोर्ड के सदस्य सचिव और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजीव भरतरी ने बैठक की तिथि तय होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभी बैठक का एजेंडा तैयार हो रहा है। 
उधर, सूत्रों ने बताया कि बैठक में सबसे अहम मसला कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से गांवों को बाहर करने का है। इस पर बोर्ड मुहर लगा सकता है। इसके अलावा दोनों रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन की जद में आ रहे कुछ गांवों को सेंसिटिव जोन की बंदिशों से मुक्त करने का प्रस्ताव भी बैठक में आएगा।
इन दोनों मसलों को लेकर संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीण लंबे अर्से से आवाज उठा रहे हैं और अब सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया है। सूत्रों ने बताया कि कई मसले ऐसे भी हैं, जिन्हें अनुमोदन के लिए नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड को भेजा जा रहा है। इनमें सड़कों समेत विभिन्न योजनाओं के प्रस्ताव शामिल हैं।

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