जागरण संवाददाता, देहरादून: प्रदेश सरकार की राज्य उज्ज्वला योजना गैस एजेंसी संचालकों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। योजना के शुभारंभ पर पूर्ति विभाग ने गैस एजेंसी संचालकों से मुफ्त में गैस कनेक्शन वितरित तो करा दिए, लेकिन अब तक उनका भुगतान नहीं किया है। सरकार से योजना के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट आवंटित हो चुका है। बावजूद इसके जिलों को बजट जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में एजेंसी संचालकों ने भी साफ कर दिया है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होगा, वो नए कनेक्शन नहीं बांटेंगे।

दरअसल, केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने एक वर्ष पूरे होने पर राज्य उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान सरकार ने 58 बीपीएल परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन बांट योजना का श्रीगणेश कर दिया। इसमें अनिल गैस एजेंसी, वैली गैस सर्विस (राजपुर रोड), किशन गैस से कनेक्शन दिए गए थे। एक कनेक्शन की सिक्योरिटी करीब 1600 रुपये है यानि विभाग पर कुल 92 हजार आठ सौ रुपये गैस एजेंसियों का कर्ज है। उत्तरांचल एलपीजी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल ने कहा कि एजेंसियों को राज्य उज्ज्वला का पैसा नहीं मिला है। इसके कारण अब एजेंसी संचालक राज्य उज्ज्वला में रुचि नहीं ले रहे हैं।

बजट दबाए बैठे हैं अधिकारी

ऐसा नहीं है कि विभाग के पास योजना का बजट नहीं है। खाद्य एवं नागरिक पूर्ति आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है, लेकिन पहले केंद्र की योजना से कनेक्शनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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जिला कार्यालय को बजट जारी नहीं किया गया है। वे स्वयं भी कई बार बजट की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिल पाया है। बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।

विपिन कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी

Posted By: Jagran