देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में पिछले दस दिन से धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार फिर तेजी पकड़ सकती है। वहीं, गंगोत्री हाईवे भूस्खलन से बंद हो गया। हालांकि, बाईपास मार्ग के कारण चारधाम यात्रा सुचारु है। 

बारिश के साथ ही पर्वतीय क्षेत्र में सड़कों के भूस्खलन से बंद होने और खोलने का सिलसिला जारी है। सुबह हुई बारिश के दौरान चमोली जनपद में नंदप्रयाग के पास बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि कुछ देर बाद मलबा हटाकर इस मार्ग को खोल दिया गया।

वहीं उत्तरकाशी केदारनाथ मार्ग धौंतरी के निकट भूस्खलन से बंद हो गया। साथ ही सड़क पर मलबा आने से गंगोत्री हाईवे चुंगी बड़ेथी के निकट बंद हो गया। हालांकि बाइपास मार्ग से वाहनों का संचालन होने से इसका गंगोत्री यात्रा में असर नहीं पड़ा। 

13 से 23 जुलाई के बीच प्रदेश के किसी भी जिले में मानसून की भारी बारिश नहीं हुई। इस दौरान मसूरी में 34.5 मिलीमीटर,  देहरादून में 32.3 व नैनीताल में 29.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी व चंपावत के ऊंचाई वाले इलाकों हल्की बारिश हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में इस दौरान बूंदाबांदी ही हुई।

फिलहाल बुधवार की सुबह उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 25 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर व चंपावत जिलों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इन छह जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

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Posted By: Bhanu

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