राज्य ब्यूरो, देहरादून: सचिवालय प्रशासन ने उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान पर 31 जनवरी को अनुपस्थिति रहे सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इन सभी को तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है। ऐसा न किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्यवाही करने की बात कही गई है।

उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान पर सचिवालय में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे थे। इसी कारण सचिवालय कर्मियों को फरवरी माह में वेतन मिलने में देरी हुई। जो वेतन मिला वह भी एक दिन की कटौती कर दिया गया था। इसके बाद विभागीय सचिवों व विभागाध्यक्षों द्वारा उपस्थिति सूची जारी करने के बाद इसमें शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों को एक दिन का वेतन अलग से दिया जा रहा है। अब सचिवालय प्रशासन ने 31 मार्च को अनुपस्थित रहे कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। संयुक्त सचिव महावीर सिंह चौहान की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी संबंधित कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहे हैं। कार्य बहिष्कार अथवा सामूहिक अवकाश राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली के विरुद्ध है। ऐसे में कर्मचारी 31 जनवरी को अनुपस्थित रहने के संबंध में अपना स्पष्टीकरण सचिवालय प्रशासन को तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराएं। इस संबंध में जवाब न देना यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारी को उस संबंध में कुछ कहना नहीं है। इसलिए ऐसे प्रकरणों पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

Posted By: Jagran

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