देहरादून, [जेएनएन]: विधानसभा के बाहर हंगामा करने के नौ साल पुराने मामले में काबीना मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित छह नेता मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्र मोहन पांडेय की अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने सभी को जमानत देते हुए सुनवाई की अगली तारीख चार मई मुकर्रर की है। पूर्व में 17 अप्रैल को कोर्ट में पेश न होने पर इन नेताओं के खिलाफ 20 अप्रैल को गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। 

सहायक अभियोजन अधिकारी यशदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 20 दिसंबर 2009 को तत्कालीन भाजपा सरकार के दौरान बतौर नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने विधानसभा का घेराव कर हंगामा किया था। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी नोकझोंक हुई थी। जिस पर थाना नेहरू कॉलोनी में सभी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत हुआ था। वर्ष 2013 से इस मामले में सुनवाई चल रही थी। लेकिन आरोपित कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। जिसके बाद सात अप्रैल को अदालत ने सभी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे।

विगत 17 अप्रैल को कोर्ट ने इस मामले में इन नेताओं को पेश होने के आदेश दिए थे। जिसके बाद काबीना मंत्री सुबोध उनियाल और खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन सहित कई लोग कोर्ट में पेश हो गए थे, लेकिन कैबिनेट मंत्री हरक सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित छह लोग कोर्ट में पेश नहीं हुए। जिसके बाद कोर्ट ने 20 अप्रैल को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए और 24 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे।

कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को काबीना मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कांग्रेसी नेता शंकर चंद्र रमोला, संग्राम सिंह पुंडीर, विनोद रावत और शिवेश बहुगुणा कोर्ट में पेश हुए। जहां से उन्हें जमानत दे दी गई। 

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Posted By: Raksha Panthari

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