देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से विभिन्न पदों के लिए कराई गई परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट से छेड़छाड़ मामले में रायपुर थाने और नगर कोतवाली के बाद ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर थाने में दर्ज मुकदमों की जांच भी एसआइटी को सौंप दी गई है। डीजीएलओ अशोक कुमार ने इस संबंध में डीआइजी को पत्र भेजा है। आयोग ने 21 जनवरी 2018 को सहायक अध्यापक एलटी और छह मई 2018 को कनिष्ठ सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी। ओएमआर की स्कैनिंग में पाया गया कि जनपद ऊधमसिंह नगर में 22 अभ्यर्थियों ने सुनियोजित ढंग से कॉपी में छेड़छाड़ की है। इसके बाद आयोग ने सभी अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रोक दिया था। टेक्नीशियन ग्रेड-2 की परीक्षा में भी सामने आए थे छह मुन्नाभाई आयोग ने 12 नवंबर 2017 को देहरादून में टेक्नीशियन ग्रेड-2 पद के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया था, जिसका परिणाम 12 फरवरी 2019 को जारी किया गया। परिणाम जारी होने के बाद आयोग को सूचना मिली कि कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में परीक्षा के बाद छेड़छाड़ की गई है। 

जांच में छह अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर और द्वितीय प्रति में अंतर पाया गया। यह मुकदमा रायपुर थाने में दर्ज है। कोतवाली में दर्ज है तीसरा मुकदमा 25 नवंबर 2018 को कनिष्ठ सहायक स्नातक स्तर और समान अर्हता वाले अन्य पदों की लिखित परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में एक अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट और उसकी द्वितीय प्रति में अंतर पाया गया। यह मामला नगर कोतवाली में दर्ज किया गया है। 
ये हैं एसआइटी में शामिल 
सीओ सिटी शेखर चंद्र सुयाल की देखरेख में गठित एसआइटी में राकेश गुसांई, जितेंद्र चौहान, कोमल रावत और प्रमोद कुमार को शामिल किया गया है। 
डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि डीजी का आदेश है कि एसआइटी को विवेचना में हर जरूरी सहयोग प्रदान किया जाए। एक महीने में मिलेगी रिपोर्ट रायपुर और कोतवाली के बाद अब रुद्रपुर में दर्ज मुकदमों की जांच भी एसआइटी करेगी। एसआइटी एक महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। टीम को प्रतिदिन जांच का अपडेट देने के लिए कहा गया है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस