देहरादून, [जेएनएन]: अभिनेत्री शर्मीला टैगोर ने 60-70 के दशक की फिल्मों को याद करते हुए कहा कि ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में खास थीं। उन फिल्मों का अपना ही आनंद था। हर फिल्म, किसी न किसी की जिंदगी से जुड़ी लगती थी। मगर आज की फिल्में प्रोडक्ट बन गई हैं। 

हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और उनकी बेटी एवं अभिनेत्री सोहा अली खान को एक साथ देखना खास अनुभव रहा। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन हुए टॉक सेशन में पटौदी परिवार की इन दो खास हस्तियों ने परिवार से लेकर फिल्म जगत पर अपनी राय रखी। 

यूनिसन व‌र्ल्ड स्कूल में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल में शर्मिला टैगोर ने कहा कि पुरानी फिल्में सीमित बजट में बनती थीं। फिल्म में बेहतर स्क्रिप्ट और अभिनय की जरूरत होती थी। जबकि, आज की फिल्में ऐसी नहीं हैं। आज कॉस्ट्यूम, म्यूजिक, लोकेशन, क्रिएशन, थ्री-डी विजुअल्स समेत कई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। बताया कि उन्हें सिनेमा जगत में लाने में सत्यजीत रे की अहम भूमिका रही। सत्यजीत ने उन्हें प्रोत्साहन देते हुए सबसे पहले बंगाली फिल्म में काम करने का मौका दिया था। बताया कि उन्हें बंगाली फिल्मों से भी खास लगाव रहा है। 

इस दौरान सोहा अली खान ने भी बेबाकी से विचार रखते हुए कहा कि पटौदी परिवार में जन्म लेना उनका सौभाग्य है। लेकिन, वह पहचान अपनी मेहनत के दम पर बनाना चाहती हैं। कई बार जब वह बाहर जाती हैं तो लोग बातें करते हैं कि देखो, सैफ अली खान की बहन सोहा जा रही है। मुझे उस वक्त बहुत गुस्सा आता है, क्योंकि मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरी पहचान से पुकारें। उन्होंने कभी भी परिवार के कनेक्शन का लाभ उठाने की कोशिश नहीं की। वह भले ही गुम हो जाएं, लेकिन वो किसी सिफारिश का सहारा नहीं लेंगी।

सोहा की किताब में पटौदी परिवार के किस्से सोहा अली खान ने अपनी किताब 'पेरिल्स ऑफ बीइंग मोडेरेटली फेमस' लॉन्च भी की। सोहा ने बताया कि इसमें उन्होंने सैफ अली खान और भाभी करीना के लव-चैप्टर 'सैफीना' को भी दर्शाया है। इसमें पिता के क्रिकेट और मां के फिल्मी कॅरियर का भी जिक्र है। यह किताब इमोशन कनेक्ट से भरी है। सोहा के सबसे करीब हैं करीना सोहा अली खान ने किताब का जिक्र करते हुए बताया कि भाभी करीना कपूर उनके सबसे करीब हैं। जब भी उन्हें कोई खुशी या गम होता है तो वो सबसे पहले भाभी को ही बताती हैं। मां ने बताए सैफ के किस्से शर्मिला टैगोर ने बेटे सैफ अली खान के बचपन के किस्सों का जिक्र करते हुए बताया कि सैफ को बहन सोहा की फिक्र रहती थी।

एक दिन सोहा स्कूल फ्रेंड की बर्थडे मिक्स पार्टी (ब्वॉयज-ग‌र्ल्स) में चली गई। सैफ के पूछने पर जब मैंने बताया तो सैफ बोले, मॉम आपने उसे लड़कों की पार्टी में जाने क्यों दिया। मना क्यों नहीं किया? इस दौरान लोग ठहाके लगाते नजर आए। 'टैगोर' उपनाम से मेरा खास लगाव शर्मिला टैगोर ने अपनी टैगोर पहचान का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह रविंद्रनाथ टैगोर के परिवार से हैं। टैगोर उपनाम के उनके लिए खास मायने हैं।

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