जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : नमामि गंगे परियोजना के तहत सिर्फ गंगा और सहायक नदियां ही नहीं बल्कि लोगों के घरों में लगे सीवर सेप्टिक टैंक की भी निगरानी होगी। नगर निगम के माध्यम से ऐसे सभी घरों का डाटा तैयार किया जा रहा है जहां सेप्टिक टैंक बने हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।

नमामि गंगे परियोजना के तहत नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में जर्मन इंटरनेशनल कार्पोरेशन (जीआईजेड) गंगा को प्रदूषित करने वाले सभी कारणों के निस्तारण में सहयोग कर रहा है। मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत एएमएस एजेंसी के जरिए ऋषिकेश के सभी 40 वार्डों का सर्वे कराया गया था। जिसमें इस बात का पता लगाया गया कि यहां कितने घरों में सीवर कनेक्शन नहीं है और सीवर व्यवस्था सोख्ता यानी सेप्टिक टैंक पर आधारित है। जिसकी समीक्षा के लिए शनिवार को नगर निगम सभागार में बैठक बुलाई गई। एएमएस एजेंसी के तकनीकी सलाहकार संतोष पंत ने बताया कि एएमएस के द्वारा 21 वार्ड ऐसे पाए गए जिनमें सीवर लाइन नहीं है और टैंक का इस्तेमाल हो रहा है। जबकि तीन वार्ड ऐसे हैं जहां आंशिक रुप से सीवर लाइन है। सर्वे के दौरान यह बात भी सामने आई कि कई जगह सेप्टिक टैंक खुले हुए हैं तो कहीं गंगा में मिलने वाले नालों में भवनों का सीवर छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन घरों में सेप्टिक टैंक प्रयोग में लाए जा रहे हैं उन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सभी लोग अपने सेप्टिक टैंक की निर्धारित अवधि के भीतर सफाई कराएंगे। यहां से निकलने वाला सीवर के निस्तारण के लिए स्थान चिह्नित किया जाएगा। बैठक में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप, जीआईजेड के पर्यावरण सलाहकार मिराज अहमद, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, अधिशासी अधिकारी मुनिकीरेती बीपी भट्ट, सहायक अभियंता गंगा विग हरीश बंसल, सफाई निरीक्षक सचिन रावत,डीडी सेंमवाल,अभिषेक मल्होत्रा आदि शामिल रहे।

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आम बाग में भवनों का सीवर जा रहा नाले में

नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवर टैंक का सर्वे कराए जाने के दौरान यह पता चला है कि बैराज कॉलोनी में कई सीवर टैंक के चेंबर खुले हुए हैं। कई जगह भवनों का सीवर टैंक से ओवरफ्लो होकर गंगा से मिलने वाले नालों में जा रहा है। नगर निगम में बैठक के पश्चात मुख्य नगर आयुक्त के साथ पूरी टीम बैराज कॉलोनी और आम बाग क्षेत्र पहुंची। वहां उन्होंने स्वयं अपने सामने खुले सेप्टिक टैंक की हकीकत को देखा। आम बाग में एक बड़ी इमारत का सीवर सेप्टिक टैंक से ओवर होकर नाले में मिल रहा था। मौके पर कई जगह निर्माण कार्य चल रहे थे। नगर आयुक्त ने जब इन लोगों से भवन का नक्शा तलब किया तो किसी के पास भी नक्शा नहीं मिला। उन्होंने काम रोकने के निर्देश दिए सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालय के समीप एक चार मंजिला इमारत के भीतर जाकर दिखा। नगर आयुक्त और अधिकारियों ने सेप्टिक टैंक को ओवरफ्लो होते देखा। नगर आयुक्त ने बताया कि इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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