संवाद सूत्र, मसूरी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि तरक्की के लिए जाति-धर्म के नाम पर लड़ना-झगड़ना बंद करना होगा। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दिनों में सभी लोग एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे, न कि जाति अथवा धर्म के लिए। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म मानवता की सीख देता है। सुझाव दिया कि आजादी का इतिहास प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

सोमवार को मसूरी में शहीद भगत सिंह के 114वें जन्मदिन पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ओर से एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अमर शहीद भगत सिंह के स्वजन करण सिंह संधू, अशफाक उल्ला खां के स्वजन अशफाक उल्ला खान, सुखदेव के स्वजन अनुज थापर को सम्मानित किया गया। राधाकृष्ण मंदिर सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री व गांधी ग्लोबल फेमिली के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अमर शहीदों का लक्ष्य देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद करवाना था। अब यह हमारा दायित्व है कि शहीदों के सपनों को पूरा करें।

कार्यक्रम में मसूरी की लोकगायिका मनु वंदना, डा. सोनिया आनंद रावत तथा शिव अरोड़ा को फोटोग्राफी के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मासिक पत्रिका नित्य नूतन के आगाज ए दोस्ती के विशेषांक का लोकार्पण भी किया गया। इससे पहले गुलाब नबी ने शहीद भगतसिंह चौक पर शहीद-ए-आजम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष जोतसिंह गुनसोला भी उपस्थित थे।

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नेशनल लोक कल्याण पार्टी सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल लोक कल्याण पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रिवर्स पलायन और गांवों को समृद्धि बनाना पार्टी ने मुख्य उद्देश्य बताया। सोमवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रप्रीत सिंह ने कहा कि सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए जिला व ब्लाक स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। प्राथमिकता गिनाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को योगा व नेचुरोपैथी का हब बनाना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी का दूसरा एजेंडा गांवों में रोजगार पैदाकर प्रदेश में रिवर्स पलायन है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 16500 गांव हैं। जिसमें से पिछले 10 सालों में 5 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। अब तक 3946 पर्वतीय गांव वीरान हो चुके हैं। यहां बिजली व पानी की भी कमी नहीं है, लेकिन इसका सरकारें प्लानिंग के साथ इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं।

 

Edited By: Sunil Negi