जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अध्यक्ष व सचिव के बीच छिड़ी रार बढ़ती जा रही है। अब यह विवाद पुलिस के पास पहुंच गया है। गुरुवार को सचिव मधु नेगी ने बोर्ड से निकाले गए पांच कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए दून के नेहरू कालोनी थाने में तहरीर दी। उन्होंने पूर्व कर्मचारियों पर जान से मारने की धमकी देने, र्दुव्‍यवहार करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

पुलिस के अनुसार, बोर्ड की सचिव ने तहरीर में बताया कि उपनल के माध्यम से बोर्ड में तैनात किए गए डाटा एंट्री आपरेटर सत्य प्रकाश व अभिषेक, अनुसेवक लक्ष्मण सिंह व किशन की सेवा कार्यालय की गोपनीयता भंग करने, सूचनाओं को बाहरी व्यक्तियों के साथ साझा करने और उनके साथ र्दुव्‍यहार करने के कारण 14 जून 2021 को समाप्त कर दी गई थी। इसके अलावा वाहन चालक व प्रभारी वरिष्ठ सहायक संदीप मौर्या को भी कार्यमुक्त किया गया था।

सचिव का आरोप है कि उक्त पांचों व्यक्ति 16 जून की शाम जबरन बोर्ड कार्यालय में घुस आए। इसके बाद उन्हें एक पत्र देकर धमकाया और कार्यालय से बाहर जाने को कहा। फिर कुछ फाइलें निकालने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की। सचिव का यह भी आरोप है कि पांचों आरोपितों ने खुद को बोर्ड अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल का आदमी बताते हुए उन्हें यह कहकर धमकी दी कि शमशेर सिंह की पहुंच ऊपर तक है। इसके अलावा उन्हें झूठे केस में फंसाने की भी बात कही।

उधर, नेहरू कालोनी थाना के इंस्पेक्टर राकेश गुसाईं ने बताया, सचिव ने सूचना दी थी कि कुछ लोग उनके कार्यालय में जबरन घुस गए हैं। सचिव के साथ कोई अभद्रता न हो, इसके लिए चीता टीम को घटनास्थल पर भेजा गया था। सचिव ने पांच व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर दी है। इस मामले की जांच करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

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Edited By: Raksha Panthri