जागरण संवाददाता, देहरादून : आरक्षण विवाद के कारण रुकी सामान्य पदोन्नति पर रोक हटाने को लेकर उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारियों ने सचिवालय कूच किया। सेंट जोजफ्स ऐकेडमी के गेट के समीप बेरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। वहां पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सोमवार परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी के समीप सुबह ग्यारह बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए। वहां से कर्मचारी दून क्लब रोड, तिब्बती मार्केट, लैंसडौन चौक, सुभाष रोड, कनक चौक से होते हुए सचिवालय के समीप पहुंचे। वहां पर पुलिस प्रशासन ने सेंट जोजफ्स ऐकेडमी के निकट बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। रोके जाने पर कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि सरकार सामान्य और ओबीसी वर्ग की उपेक्षा कर रही है। न्यायालय की कोई बाध्यता न होने के बावजूद पदोन्नतियों पर रोक लगाकर सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अति शीघ्र पदोन्नति पर रोक हटाकर बिना आरक्षण के पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र गुसांई ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पदोन्नतिया बिना आरक्षण के वरिष्ठता एवं श्रेष्ठता के आधार पर की जा रही हैं। यहा तक कि वर्ष 1997 तक आरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत पदोन्नत अनुसूचित जाति के कनिष्ठ कार्मिकों को रिवर्ट किया जा चुका है। यदि शीघ्र पदोन्नति पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष आशुतोष सेमवाल ने कहा यदि सरकार ने पदोन्नतियों पर लगी रोक नहीं हटाई तो 25 दिसंबर को बिंदाल पुल से यमुना कॉलोनी मंत्रियों के आवास तक कैंडल मार्च निकालकर सरकार को चेतावनी दी जाएगी। उसके बाद मौके पर आए सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार को फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सौंपा। सचिवालय कूच करने वालों में हीरा सिंह बसेड़ा, चमन लाल चौहान, वीके धस्माना, बीपी नौटियाल, डीएस सरियाल, विष्णु दत्त बेंजवाल, अनिल प्रकाश नौटियाल, रीता कॉल आदि शामिल थे।

Posted By: Jagran

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