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हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले में CBRN खतरों से निपटने के लिए एसडीआरएफ की विशेष तैयारी, 145 जवानों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:26 PM (IST)

अर्द्धकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ ने सीबीआरएन (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु) खतरों से निपटने हेतु विशेष तैयारियां की हैं।

यह तस्वीर एआई से बनाई गई है

यह तस्वीर एआई से बनाई गई है

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। हरिद्वार में जनवरी माह से शुरू होने वाले अर्द्ध कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एसडीआरएफ ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मेले के दौरान केमिकल, बायोलाजिकल, रेडियोलाजिकल और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) से जुड़े संभावित खतरों से निपटने के लिए एसडीआरएफ के 30 जवानों की विशेष टीम तैनात रहेगी।

यह टीम किसी भी तरह की रासायनिक दुर्घटना, जहरीली गैस के रिसाव या अन्य खतरनाक पदार्थों से जुड़ी आपात स्थिति में तत्काल मोर्चा संभालने के लिए तैयार रहेगी। एसडीआरएफ की ओर से अब तक 145 जवानों को इस तरह के खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

इन जवानों को आपात स्थिति में बचाव कार्य करने, प्रभावित क्षेत्र में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने जैसी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों, गैस सिलिंडरों और रासायनिक पदार्थों के भंडारण या परिवहन के दौरान जहरीली गैस के रिसाव जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।

ऐसी परिस्थितियों में समय रहते बचाव अभियान शुरू करना बेहद जरूरी होता है। कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, अस्थायी व्यवस्थाओं और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को देखते हुए किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है।

सीबीआरएन श्रेणी के खतरों में रासायनिक पदार्थों, जैविक एजेंटों, रेडियोधर्मी सामग्री और परमाणु संबंधी घटनाओं से पैदा होने वाले जोखिम शामिल हैं। इनसे निपटने के लिए सामान्य आपदा राहत के साथ विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता होती है।

तैयारियों का भी लिया जाएगा जायजा

कुंभ मेले में संभावित खतरों को देखते हुए सरकार की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। सीबीआरएन से संबंधित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही तैयारियों का जायजा भी लिया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर टीम तत्काल कार्रवाई कर सके।

आपदा की स्थिति में जवानों की तत्परता और प्रशिक्षित तरीके से कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशिक्षण के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों और आपात प्रतिक्रिया की क्षमता को भी परखा जाएगा।

भीड़ प्रबंधन के साथ आपदा सुरक्षा पर जोर

कुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं रहती। आग लगने, भगदड़, दुर्घटना या खतरनाक पदार्थों के रिसाव जैसी परिस्थितियों में भी त्वरित कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसे में एसडीआरएफ की विशेष टीम की भूमिका अहम होगी। प्रशिक्षित जवानों की तैनाती से संभावित खतरे की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने में मदद मिल सकती है।

एसडीआरएफ की तैयारियों का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित घटना के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सीबीआरएन जैसे खतरों से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। यह पहली बार है जब बड़े आयोजन में टीमें तैनात की जा रही हैं।

अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, एसडीआरएफ