राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश में तीन जिलों के अतिरिक्त अन्य जिलों में स्कूलों को बंद किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इसके संकेत दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित करने के संबंध में मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट का सामूहिक निर्णय होगा। सरकार हालात पर नजर रख रही है।

देहरादून जिले के कालसी व चकराता क्षेत्र को छोड़कर शेष संपूर्ण भाग, हरिद्वार जिले, नैनीताल नगरपालिका परिषद और हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में कक्षा छह से नौवीं व 11वीं तक सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल 30 अप्रैल तक बंद किए गए हैं। वहीं प्रदेश के शेष हिस्से में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण में अब तेजी से इजाफा हो रहा है। इससे सरकार के माथे पर बल पड़े हैं।

वर्तमान में तीन जिलों में जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, वहां स्कूलों को इस माह बंद रखने का फैसला लिया गया है। केवल 10वीं व 12वीं की बोर्ड कक्षाओं की आफलाइन पढ़ाई जारी रखी गई है। शेष क्षेत्रों में कक्षा छह, सात, आठ, नौ व 11वीं की कक्षाएं चलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि इन स्कूलों को कोविड-19 से सुरक्षा को लेकर जारी एसओपी (मानक संचालन कार्यविधि) का पालन अनिवार्य किया गया है।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्र-छात्राओं की सुरक्षा है। कोरोना से ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद हैं। कोरोना संक्रमण के बिगड़ रहे हालात चिंताजनक हैं। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ी तो कोरोना संक्रमित क्षेत्रों अथवा पूरे प्रदेश में स्कूल बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम फिलहाल यथावत है, लेकिन इस पर भी जरूरत के हिसाब से फैसला लेने में गुरेज नहीं किया जाएगा।

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