मसूरी, जेएनएन। प्रख्यात साहित्यकार पद्मभूषण रस्किन बांड ने अपना 86 वां जन्मदिन घर पर स्वजनों के साथ सादगी से मनाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशंसकों को तोहफा देते हुए अपनी नई रचना ‘मिरेकल एट हैप्पी बाजार’और ‘सांग ऑफ इंडिया’का कवर पेज भी जारी किया।

वहीं, रस्किन के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनकी लंबी उम्र की कामना की। रस्किन ने भी इसके लिए सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का आभार जताते हुए उन्हें घर में सुरक्षित रहने की नसीहत दी।

बाल साहित्य के पुरोधा रस्किन बांड कोरोना महामारी के चलते इस बार अपना जन्मदिन प्रशंसकों के बीच नहीं मना सके। रस्किन के पौत्र राकेश ने बताया कि रस्किन की रचना ‘एक था रस्टी’ पर बने सीरियल की निर्माता सुदर्शनी भी इन दिनों उनके ही घर पर हैं। 

उन्होंने भी रस्किन को जन्मदिन की बधाई दी। रस्किन ने जन्मदिन की बधाई के लिए प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा, वह कोशिश करेंगे कि पुस्तकों के माध्यम से अपने जीवन के बेहतरीन अनुभव दुनिया के साथ साझा करते रहें।

लिखता रहूंगा पुस्तकें

19 मई 1934 को हिमाचल प्रदेश के कसौली में जन्मे रस्किन बांड ने अपने जन्मदिन पर सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि वह अब तक 150 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं। पाठकों से मिले स्नेह को जीवन की पूंजी बताते हुए प्रख्यात लेखक ने कहा-मैने 17 साल की उम्र में लिखना शुरू किया था। आज 86 साल की उम्र में भी हाथ से लिख रहा हूं और जब तक शरीर साथ देगा लिखता रहूंगा।

यह भी पढ़ें: अमेरिका के ऑनलाइन लाइव शो में परफॉर्म करेंगी दून की शिकायना, उनके इस गाने को किया जा रहा कफी पसंद

रस्किन के दिल में बसी है मसूरी

रस्किन ने कहा कि उन्हें मसूरी से खास लगाव है। वर्ष 1964 में वह पहली बार मसूरी आए और यहीं के होकर रह गए। बोले, इन 56 वर्षो में मैने मसूरी को बदलते हुए देखा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह मसूरी की खूबसूरती बरकरार रखने का प्रयास करें।

यह भी पढ़ें: युवाओं को उत्तराखंड की संस्कृति से पहचान करा रहे हैं लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी

Posted By: Bhanu Prakash Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस