संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: वीरों की भूमि उत्तराखंड ने एक और वीर सपूत खो दिया है। रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ ब्लॉक के कविल्ठा गांव निवासी 35 वर्षीय मानवेंद्र सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए। हालांकि, शहीद होने से पहले वह अपने साथियों के साथ आतंकवादियों का बहादुरी से सामना करते रहे और गोली लगने के बाद भी दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। गढ़वाल राइफल्स की छठी बटालियन के राइफलमैन मानवेंद्र बादीपुरा सेक्टर में 14 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे।

जम्मू कश्मीर में बांदीपुरा बॉर्डर पर बुधवार को अचानक आतंकवादियों ने हमला कर दिया। भारतीय सेना ने जवाब में मोर्चा संभाला। रुद्रप्रयाग जिले के मानवेंद्र और उनके साथियों ने मिलकर दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। हालांकि, इस दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए मानवेंद्र को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। वह अपने पीछे पत्नी-बच्चों समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। राइफलमैन मानवेंद्र की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गाव में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा और इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

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फोन पर कहा-चिंता मत करना, मैं ठीक हूं

आतंकी मुठभेड़ में घायल होने के बाद मानवेंद्र को सबसे पहले अपने परिवार का खयाल आया। उन्होंने बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे मा कमला देवी व पत्नी विनीता देवी से फोन पर बात की। उन्हें कहा मैं ठीक हूं। ¨चता मत करना, मैंने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। इससे पहले कि दोबारा परिवार से बात करते वह वीरगति को प्राप्त हो गए।

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ढाई साल का बेटा, बेटी पांच साल की

शहीद मानवेंद्र के दो बच्चे हैं। बेटा अनुराग ढाई साल व बेटी जाह्नवी पांच साल की है। जिन्हें यह तक नहीं मालूम कि उनके पिता देश की रक्षा करते शहीद हो गए हैं। शहीद का परिवार देहरादून के नकरौंदा के शिवपुरम में रहता है। उनका पूरा परिवार आजकल गांव गया हुआ है। पत्नी विनीता देवी अपने मायके रामपुर फाटा गई हुई थीं, जिन्हें परिजन गुरुवार सुबह कविल्ठा लेकर आए।

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पिता भी फौज से रिटायर्ड

शहीद के पिता नरेंद्र सिंह रावत भी गढ़वाल राइफल्स की छठी बटालियन से रिटायर्ड हैं। शहीद मानवेंद्र की दो बड़ी व तीन छोटी बहनें और एक भाई है। वह 2007 में सेना में भर्ती हुए थे। घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है। ग्राम प्रधान विनोद रावत ने कहा कि शहीद मानवेंद्र पर गांव को नाज है।

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शहीद परिवार को हर संभव मदद: सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूत मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति देने को तत्पर रहे हैं। शहीद मानवेंद्र सिंह की शहादत को कोटि-कोटि नमन। हमारी संवेदनाएं शहीद के परिजनों के साथ है। सरकार शहीद के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

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राज्यपाल ने जताया शोक

राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने शहीद मानवेंद्र सिंह की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति व दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

By Jagran