देहरादून, जेएनएन। बिना मंजूरी अवैध रूप से सीएनजी ऑटो परमिट का डेढ़ लाख में सौदा करने के मामले में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की सख्ती के बाद आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने संबंधित शोरूम संचालक को तलब किया है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है। आरटीओ के अनुसार शोरूम संचालक को नोटिस भेजा गया है। उन्हें 28 नवंबर तक आरटीओ कार्यालय में पेश होकर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। शोरूम के ट्रेड सर्टिफिकेट पर भी कार्रवाई होगी। 

स्मार्ट सिटी के तहत दून में सीएनजी और हाइब्रिड ऑटो संचालित करने की सरकार की योजना है। इसका प्रस्ताव बना हुआ है लेकिन अभी सरकार ने इसके परमिट जारी करने की मंजूरी नहीं दी है। इस मामले में जल्द फैसला होना है, लेकिन इससे पूर्व ही ऑटो शोरूम संचालकों ने अवैध तरीके से परमिट की सौदेबाजी शुरू कर दी है। ताजा मामला शिमला बाइपास रोड स्थित बंसल ऑटोमोटिव का सामने आया था। आरोप है कि शोरूम संचालक ने एक ग्राहक सलीम अहमद को सीएनजी ऑटो की जो कोटेशन दी, उसमें परमिट के लिए डेढ़ लाख रुपये अंकित किए गए हैं। शोरूम संचालकों को परमिट देने का अधिकार ही नहीं, फिर भी ऐसी सौदेबाजी की जा रही। इस मामले में सलीम अहमद ने आरटीओ से शिकायत की थी। 

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'दैनिक जागरण' ने परमिट के इस खेल का पर्दाफाश करते हुए सोमवार को खबर प्रकाशित की। मामले में परिवहन मंत्री की ओर से उच्च स्तरीय जांच व कार्रवाई की बात की जा रही है। इधर, आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने भी शोरूम संचालक के विरुद्ध कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए उसे तलब किया है। आरटीओ ने बताया कि अगर संचालक की गलती मिलती है तो उसके शोरूम का ट्रेड सर्टिफिकेट निरस्त किया जाएगा। 

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वहीं, दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने भी परमिट की इस सौदेबाजी पर आरोपी शोरूम संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के प्रधान राम सिंह ने बताया कि मामले में परिवहन अधिकारियों की भूमिका की जांच भी होनी चाहिए। 

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Posted By: Raksha Panthari

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