देहरादून, जेएनएन। देहरादून जिले के डोईवाला कोतवाली अंतर्गत हर्रावाला में रूपचंद हत्याकांड मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने रूपचंद का मुंह तकिये से दबाकर और रस्सी से गला घोंटकर मारने के बाद शव को दूसरे कमरे में पंखे से लटका दिया था। इससे यह प्रतीत हो सके की रूपचंद ने पंखे से लटककर आत्महत्या की होगी।

एसपी देहात परमेंद्र डोभाल ने डोईवाला कोतवाली में पत्रकार वार्ता के दौरान रूपचंद हत्याकांड का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि फोन कॉल और आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य जांच में पता चला कि मृतक रूपचंद की पत्नी रेनू का विनीत पुत्र मुन्ने सिंह ग्राम बमनोला पैजनिया थाना हल्दौर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश से अवैध संबंध चल रहे थे। 

इसका पता चलने पर रूपचंद ने अपनी पत्नी की पिटाई भी की। वहीं गलत कार्य का विरोध भी किया। इसको लेकर विनीत ने रेनू के साथ रूपचंद को रास्ते से हटाने की साजिश रची। नौ जून को रात्रि में रेनू ने अपने पति के खाने में नींद की गोलियां मिला कर दी। 

रूपचंद नींद में ही अपने घर के बरामदे में सो गया। उसके बाद विनीत ने अपने गांव बिजनौर के ही जोगिंदर जो सेलाकुई में एक फैक्ट्री में काम करता है के साथ मिलकर रूपचंद की हत्या कर दी। तीनों लोगों ने पहले सोते हुए रूपचंद का तकिये से मुंह दबाया और फिर रस्सी से गला घोंटकर शव को दूसरे कमरे में पंखे से लटका दिया। इससे प्रतीत हो कि रूपचंद ने आत्महत्या की है। पुलिस ने बताया कि तीनों ने अपना अपराध कबूल किया है। 

इस टीम को मिली सफलता 

एसपी देहात परमेंद्र डोभाल ने बताया कि इस मामले में गठित टीम में शामिल कोतवाल राकेश सिंह गुसाईं, वरिष्ठ उप निरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी, एस आई राजेंद्र सिंह पुजारा, मुकेश नेगी, विनीता बेलवाल, हेड कांस्टेबल राजकुमार, रविंद्र टम्टा व नूतन के अलावा एसओजी इंचार्ज ऐश्वर्या पाल सिंह, कांस्टेबल प्रमोद देवेंद्र, पंकज ने मोबाइल सर्विलांस व मुखबिर की सूचना पर आरोपी विनीत को लक्ष्मण चौक क्षेत्र व जोगिंदर को सेलाकुई से गिरफ्तार किया। 

ये है पूरी घटना 

10 जून की सुबह हर्रावाला स्थित सेल बॉयज स्कूल के कमरे में लक्ष्मण सिद्ध मंदिर भंडारे में हलवाई का काम करने वाले रूपचंद 45 वर्ष पुत्र जयप्रकाश का शव पंखे से लटका मिला था। सूचना पर कोतवाल राकेश सिंह गुसाईं, वरिष्ठ उप निरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी व हररावाला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह पुजारा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। 

पुलिस ने बारीकी से जांच की तो मृतक के गले में अर्धचंद्राकार के हरे निशान मिले। वहीं दरवाजे के बाहर तकिए के कवर व मृतक की जींस पर खून के धब्बे भी मिले। पूरे प्रकरण में मृतक की पत्नी रेनू कुछ बोलने को तैयार नहीं थी।  इस बीच 11 जून को मृतक के भाई लक्ष्मी चंद ने रेनू व विनीत के ऊपर हत्या की साजिश का शक जताते हुए मुकदमा भी लिखवाया था। 

लोन की किश्त के बहाने था घर में आना-जाना 

रूपचंद हत्याकांड में गिरफ्तार विनीत सेटिंग लोन कंपनी में काम करता था। पुलिस के अनुसार दो वर्ष पूर्व रेनू व उसके पति रूपचंद को 35000 रूपये का लोन दिया था। इसी लोन की किस्त लेने पर रेनू के घर पर अक्सर आता रहता था। घर पर रेनू व उसके बच्चे रहते थे। रूपचंद अक्सर हलवाई होने के कारण लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में भंडार में व्यस्त रहता था। रेनू के घर पर आने जाने से उसकी मुलाकात प्यार में बदल गई। चोरी छिपे अवैध संबंध भी बन गए। भोजनमाता का काम करती थी रेनू 

रेनू सेल बॉयज विद्यालय में भोजनमाता का काम करती थी और उसे स्कूल परिसर में ही रहने को कमरा मिला था। विनीत ने रेनू से बातचीत करने के लिए चोरी-छिपे एक मोबाइल भी दे रखा था। इस पर अक्सर दोनों की बातचीत होती रहती थी। रूपचंद की हत्या से पूर्व रेनू ने मेन गेट खुला छोड़ा था। इससे अंदर आकर विनीत व जोगिंदर ने रेनू के साथ मिलकर रूपचंद को रास्ते से हटा दिया।

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