देहरादून, [जेएनएन]: आइएससी (12वीं) में 98.75 फीसद अंक हासिल करने वाले समरवैली स्कूल के रोहित वासव चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जैसा महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में किया। भले ही उन्होंने गणित और रसायन विज्ञान में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हों। लेकिन, उनका लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ही रहेगा। रोहित का मानना है कि डिग्री हासिल कर नौकरी करने वालों से दुनिया भरी पड़ी है। लेकिन, चमकते वही हैं जो कुछ अलग करते हैं, यानी कोई नई खोज।

सरस्वती विहार (अजबपुर) निवासी रोहित के पिता सुरेंद्र सिंह नेगी सचिवालय के वित्त विभाग में अनुभाग अधिकारी हैं, जबकि मां मंजू नेगी शिक्षिका हैं। रोहित का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। बताया कि उन्होंने पढ़ाई के लिए शेड्यूल बनाया था, जिसका शिद्दत के साथ पालन किया। कोई दबाव नहीं लेता था और खेलकूद व अन्य गतिविधियों के लिए भी समय निकालता था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया, जिन्होंने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। 

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Posted By: Sunil Negi