देहरादून, जेएनएन। पर्वतीय मार्गों पर संचालन से हो रही हानि के राज्य सरकार पर बकाया करीब 84 करोड़ रुपये देने की मांग लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। बताया गया कि राशि न मिल पाने से बीते तीन माह से रोडवेजकर्मियों को वेतन नहीं मिला है। मुख्यमंत्री की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। 

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बीते दिनों कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सचिवालय कूच का एलान किया था। इस बीच मुख्यमंत्री ने उन्हें मुलाकात का समय दिया, जिस पर शुक्रवार को परिषद नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास में उनसे मुलाकात की। प्रदेश महामंत्री दिनेश पंत ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान में निगम का लगभग 84 करोड़ रुपए शासन स्तर पर लंबित हो गया है। कर्मचारियों को तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है और परिवहन निगम कर्मचारी बिना वेतन कार्य कर रहे, जिससे राज्य सरकार के विरुद्ध कर्मचारियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 

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प्रदेश महामंत्री ने बताया कि गत 21 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री ने निगम को 54 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद परिषद ने सचिवालय कूच भी स्थगित कर दिया था। इसके बावजूद अब तक सरकार ने निगम को भुगतान नहीं किया है। निगम की आर्थिक स्थिति खराब होने से रिटायर होने वाले कर्मचारियों का भुगतान नहीं हो पा रहा। 

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परिषद नेताओं ने बताया कि वार्ता में मुख्यमंत्री ने 20 करोड़ रुपये निगम को तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। भरोसा दिया कि बाकी राशि भी जल्द उपलब्ध की जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को परिषद के नोटिस में जिक्र की गई बाकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुसाईं, महासचिव बीएस रावत, संयुक्त परिषद के उपमहामंत्री विपिन बिजल्वाण, प्रेम सिंह रावत मौजूद रहे। 

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