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ऋषिकेश के रामझूला पुल की मरम्मत का अंतिम चरण, दोपहिया वाहनों के लिए फिर खुलेगा रास्ता

Published: Sat, 21 Feb 2026 03:54 PM (IST)

ऋषिकेश के रामझूला पुल की 11 करोड़ की मरम्मत का काम मार्च में शुरू होगा, जिसके अंतिम चरण में पुल ...और पढ़ें

रामझूला सेतु। जागरण अकाईव

रामझूला सेतु। जागरण अकाईव 

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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। रामझूला पुल को मरम्मत के लिए आखिरी चरण में बंद किया जाएगा। 11 करोड़ से इस पुल को ठीक किया जाना है।

लोक निर्माण विभाग ने सस्पैंडर्स वायर आदि ठीक करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य मार्च में शुरू किया जा सकता है।

इस पुल पर पैदल के साथ दोपहिया वाहन भी चल पाएंगे। इससे जानकी सेतु पर दबाव कम होगा।

रामझूला पुल का निर्माण 1985 में किया गया था। गंगा के ऊपर 220 मीटर लंबे रामझूला पुल का निर्माण केवल पैदल यात्रियों के आवाजाही के लिए किया गया था।

बाद में पैदल यात्रियों के साथ दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी इस पुल पर शुरू हो गई। यह पुल टिहरी के मुनिकीरेती क्षेत्र को पौड़ी जिले के स्वर्गाश्रम को जोड़ता है।

स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु भी पुल से आवागमन करते हैं। लक्ष्मणझूला पुल बंद होने के बाद इस पुल पर दबाव और बढ़ गया था।

रामझूला पुल की तीन सस्पैंडर वायर टूट गई। 2021 में लोनिवि की विशेषज्ञ टीम ने इस पुल पर आवाजाही बंद करने या सीमित करने का सुझाव दिया था।

विकल्प नहीं होने के चलते इस पुल पर आवागमन चलता रहा। करीब तीन साल पहले इस पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया था।

इससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। पुल के सस्पैंडर्स वायर आदि को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से टेंडर जारी किए गए थे।

पुल पर कंपन को कम किया जाना है। मरम्मत के दौरान पुल को कुछ समय के लिए बंद भी किया जाना है। अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है।

करीब एक साल का समय मरम्मत में लगना है। लोनिवि वह काम बाद में कराएगा, जिसमें पुल पर आवागमन बंद करना पड़े। इस पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन होने से जानकी सेतु पर दबाव कम होगा।

यह काम है सस्पेंडर्स वायर का

झूला पुल में आवागमन के कारण किसी एक स्थान पर जब कंपन पैदा होती है, तो यह कंपन पुल के लिए खतरा पैदा कर देती है।

इसलिए झूला पुल में हर दो मीटर के अंतराल में सस्पेंडर्स वायर लगाई जाती है, जो पुल के डेक और आधार वायर के बीच जुड़े होते हैं।

यह सस्पेंडर्स वायर पुल में उठने वाले कंपन को समान रूप से पूरे पुल में वितरित करती है। जिससे पुल की खास जगह पर कंपन नहीं होती है। रामझूला पुल में 440 सस्पेंडर्स वायर लगाई गई है।

बजरंग सेतु का काम 28 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य

बजरंग सेतु का निर्माण का काम इसी 28 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है।

  • 132.30 मीटर लंबा पुल को करीब 68 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है।
  • 13 जुलाई 2019 को लक्ष्मणझूला पुल पर आवाजाही बंद कर दी गई। इसके पास में बजरंग सेतु बन रहा है।
  • 2022 में लोक निर्माण विभाग की ओर से बजरंग सेतु का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
  • बजरंग सेतु की दोनों ओर कांच के फुटपाथ, पुल पर हल्के चौपहिया वाहनों की आवाजाही होनी है।

2023 में रामझूला पुल पर भी दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद होने से बजरंग सेतु का काम जल्द पूरा करने का दबाव लोक निर्माण विभाग पर है।

इसकी कई बार समय सीमा बढ़ाई गई है। विभाग का दावा है कि काम अब अंतिम चरण में है।

रामझूला सेतु की मरम्मत के लिए टेंडर जारी होने के बाद ठेकेदार की ओर से वर्कशाप में काम शुरू कर दिया गया। जल्द ही धरातल पर भी काम शुरू किया जाएगा। पुल को निर्माण के दौरान बंद भी किया जाना है। जिन कामों के लिए पुल को बंद करना है, वह आखिरी चरण में किए जाएंगे। बजरंग सेतु का काम अंतिम चरण में है।
प्रवीण कर्णवाल, ईई, लोनिवि, नरेंद्रनगर

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