यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rishikesh News : थाने से भागकर गंगा में कूदे केदार भंडारी के पिता की याचिका, इंस्पेक्टर व दारोगा पर मुकदमा
Rishikesh News लक्ष्मण झूला में तैनात रहे इंस्पेक्टर संतोष सिंह कुंवर और थाना मुनिकीरेती के अंतर्गत तपोवन पुलिस चौकी के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : Rishikesh News : जनपद पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत थाना लक्ष्मण झूला में तैनात रहे इंस्पेक्टर संतोष सिंह कुंवर और थाना मुनिकीरेती के अंतर्गत तपोवन पुलिस चौकी के उप निरीक्षक आशीष कुमार के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर श्याम दत्त नौटियाल को सौंपी गई है।
केदार सिंह भंडारी के पिता की अपील पर मामला न्यायालय में
थाना लक्ष्मण झूला के अंतर्गत 22 अगस्त को थाने से भागकर पुल से गंगा में छलांग लगाने वाले उत्तरकाशी के युवक केदार सिंह भंडारी के पिता की अपील पर मामला न्यायालय में पहुंच गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी गढ़वाल ने सुनवाई करते हुए दो नवंबर को फैसला सुनाने की तारीख सुनिश्चित की थी।
बीती बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना लक्ष्मण झूला के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर और मुनिकीरेती थाना के अंतर्गत तपोवन पुलिस चौकी में तैनात उपनिरीक्षक आशीष कुमार के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।
न्यायालय के आदेश पर बीते गुरुवार की देर रात इंस्पेक्टर संतोष सिंह कुंवर और उपनिरीक्षक आशीष कुमार के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 342 अवैध रूप से हिरासत में रखने और धारा 365 अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर सर्किल श्याम दत्त नौटियाल करेंगे।
फोन आया कि केदार ने गंगा में छलांग लगा दी है
बता दें कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी गढ़वाल के न्यायालय में लक्ष्मण सिंह निवासी चौडियाट, धौंत्तरी, पट्टी गाजणा, तहसील डूंडा, जिला उत्तरकाशी ने प्रस्तुत किए आवेदन पत्र में बताया कि उनका पुत्र केदार सिंह भंडारी (19 वर्ष ) अपने दोस्त निलेश निवासी बामणगांव, पट्टी धनारी, उत्तरकाशी के साथ 18 अगस्त को कोटद्वार भर्ती में गया था। 21 अगस्त को यह दोनों तपोवन स्थित एक होटल में ठहरे।
22 अगस्त को 11:30 बजे उनके पुत्र गंभीर सिंह को फोन आया कि केदार सिंह तपोवन में बंद है। उसके बाद उसी रोज शाम 7:30 बजे थानाध्यक्ष लक्ष्मण झूला के नाम से फोन आया कि केदार सिंह ने लक्ष्मण झूला पुल से गंगा में छलांग लगा दी है। युवक के पिता लक्ष्मण सिंह ने इस मामले में थानाध्यक्ष, होटल प्रबंधक, साथ में आए केदार के दोस्त और तपोवन के एक उपनिरीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
सहसपुर थाना प्रभारी पर गिरी गाज, प्रेमनगर थानाध्यक्ष भी बदले
वहीं देहरादून के एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने जिले के दो थानों में फेरबदल किए हैं। उन्होंने सहसपुर थाना प्रभारी नरेश राठौर को रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है। राठौर पर बीते दिनों क्षेत्र में आत्महत्या करने वाली महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के चलते गाज गिरी है। यहां गिरीश नेगी को थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि, प्रेमनगर थाने के प्रभारी दीपक रावत को सेकंड इंचार्ज बनाते हुए एसएसपी ने इंस्पेक्टर प्रदीप बिष्ट को थानाध्यक्ष बना दिया है।
गुरुवार देर रात एसएसपी कार्यालय से स्थानांतरण सूची जारी की गई। प्रेमनगर के नए थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रदीप बिष्ट अब तक एसएसपी कार्यालय में तैनात थे। सहसपुर थानाध्यक्ष नरेश राठौर को बीते दिनों एक महिला के आत्महत्या करने के मामले में थाना स्तर पर हुई लापरवाही के कारण पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। सहसपुर थाने के नए प्रभारी गिरीश नेगी अब तक एसपी देहात कार्यालय में तैनात थे।
एसएसपी ने बताया कि नरेश राठौर के विरुद्ध महिला की शिकायत पर गंभीरता नहीं दिखाने के आरोप में जांच भी बैठाई गई है। बीती 29 अक्टूबर को महिला ने सहसपुर थाने में उत्पीड़न की शिकायत की थी। बावजूद इसके पुलिस ने महिला की काउंसिलिंग नहीं की और न ही कार्रवाई के लिए कोई कदम उठाया। बीते एक नवंबर को महिला ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में महिला दारोगा अक्षु रानी को एसएसपी पहले ही निलंबित कर चुके हैं।
