देहरादून, अंकुर अग्रवाल। शहर में दुपहिया पर दोनों सवारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। शुक्रवार से परिवहन विभाग ने हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की। हालांकि, विभाग ने पहले दिन केवल उन्हीं लोगों के चालान किए, जिसमें चालक ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। पहने दिन पिछली सवारी को हेलमेट पहनने की आदत सिखाने के लिए परिवहन विभाग ने 'गांधीगिरी' का सहारा लिया। हेलमेट ना पहने होने पर अधिकारियों ने ऐसी सवारियों को उतारकर सिटी बस या विक्रम से भेजा। बस एवं विक्रम परिचालकों को हिदायत भी दी गई कि निर्धारित स्थान से पहले सवारी को न उतारा जाए। एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि विभाग का उद्देश्य लोगों पर जुर्माना लगाना नहीं बल्कि उन्हें हेलमेट की जरूरत को लेकर जागरुक करना है।

सड़क सुरक्षा व हादसों पर लगाम लगाने के लिए हाईकोर्ट ने सात जुलाई 2018 को पुलिस व परिवहन विभाग को दुपहिया पर पिछली सवारी के हेलमेट पहनने का नियम सख्ती से लागू करने का आदेश दिया था। सड़क सुरक्षा के ही तहत चौपहिया में सीट बेल्ट लगाना भी अनिवार्य किया गया मगर  जिम्मेदार विभाग इसका अनुपालन ही नहीं करा सके। अब नए एमवी एक्ट के अंतर्गत केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तय नियमों का सख्ती से पालन कराने के आदेश जारी किए हैं। नए नियमों में हेलमेट न पहनने पर जुर्माना सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार कर दिया गया है। प्रदेश में पंचायत चुनाव होने की वजह से परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी व्यस्त थे, मगर अब चुनाव के पूरा होते ही अधिकारियों ने तय नियमों को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली है।

इसी के अंतर्गत शुक्रवार को एआरटीओ अरविंद पांडे ने राजपुर रोड पर जाखन के पास अभियान चलाया। इस दौरान दुपहिया पर पिछली सवारी के हेलमेट न पहना होने पर सवारी को सिटी बस या विक्रम से भेजा गया। एआरटीओ ने बताया कि चाहे युवती हो या महिला। किसी को भी रियायत नहीं दी गई। अगर पिछली सवारी ने हेलमेट नहीं होने पर भी दुपहिया से ही जाने की जिद की तो उसका एक हजार का चालान काटने की बात कही। ऐसे में हर किसी ने बस या विक्रम से ही जाने में भलाई समझी।

बाइक का नौ हजार का चालान

जाखन में चेकिंग के दौरान एआरटीओ ने एक बाइक सवार का नौ हजार का चालान किया। चालक के पास न तो डीएल था, न ही वाहन का इंश्योरेंस व प्रदूषण बीमा पत्र। वह ध्वनि प्रदूषण भी कर रहा था।

...सर प्लीज इस बार छोड़ दो

चेकिंग के दौरान स्कूटी पर बिना हेलमेट पकड़ी गई स्कूल व कालेज की छात्राएं या युवतियां परिवहन टीम से इस बार छोड़ देने की अपील करती रहीं। वे कहती रहीं कि सर प्लीज इस बार छोड़ दो, आगे से ध्यान रखेंगे।

41 दुपहिया के चालान

चेकिंग के दौरान परिवहन टीम की ओर से 41 दुपहिया समेत 58 वाहनों के चालान किए गए। इनमें अगली या पिछली सवारी के हेलमेट न पहनने पर 25 वाहन, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर 10, इंश्योरेंस न होने पर 12 और प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर 10 चालान किए गए।

पार्षद की एक्सयूवी का चालान

चेकिंग के दौरान बेकाबू गति से दौड़ने व रुकने का इशारा करने के बावजूद न रुकने पर परिवहन टीम ने नंबर के आधार पर एक सफेद एक्सयूवी का चालान भी काट दिया। बाद में मालूम चला कि यह भाजपा पार्षद नीतू वाल्मीकि की गाड़ी है। यह गाड़ी मैक्स अस्पताल की ओर जा रही थी, जहां पार्षद के पति व भाजपा नेता राकेश तिनका भर्ती हैं। राकेश को बुधवार रात विवाद के चलते एक युवक ने गोली मार दी थी।

पहले जागरुकता, फिर कार्रवाई

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार दून में तकरीबन सवा छह लाख दुपहिया पंजीकृत हैं। दुपहिया वाहनों की इतनी बड़ी तादाद को देखते हुए इस आदेश का पालन कराना कठिन जरूर है। एआरटीओ पांडे ने बताया कि पहले जागरुकता अभियानों के जरिए आमजन को सतर्क किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछली सवारी के हेलमेट न पहने होने पर चालान के बजाए बस या विक्रम से उन्हें घर भेजा गया।

आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई का कहा कि माननीय हाईकोर्ट और केंद्र सरकार के आदेश के क्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर जो निर्देश दिए गए हैं, उनका अब कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। दुपहिया पर दोनों सवारी का हेलमेट पहनना अनिवार्य है और इसी तरह कार में सीट बेल्ट लगाना। वाहन में अनाधिकृत साइलेंसर और लाइटें लगाने पर भी प्रतिबंध है। विभाग के अभियान में इन बातों पर मेन फोकस किया जाएगा।

हेलमेट, साइलेंसर व  सीट बेल्ट को लेकर कार्रवाई

अगर आप आज से शहर में दुपहिया पर निकल रहे हैं तो हेलमेट पहनना सुनिश्चित कर लें। अगर दुपहिया पर डबल सवारी है तो दोनों का हेलमेट पहना होना अनिवार्य है, वरना परिवहन विभाग आपके विरुद्ध चालान की कार्रवाई कर सकता है। यदि पिछली सवारी ने हेलमेट नहीं पहना होगा तो एक हजार का चालान होगा जबकि चालक व पिछली सवारी दोनों ने हेलमेट नहीं पहना होगा तो विभाग दो हजार रुपये का चालान काटेगा। हेलमेट ही नहीं, कार में सीट बेल्ट लगाने को लेकर भी अभियान चलेगा। बाइक को मोडिफाइड कर तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाने पर भी विभाग कार्रवाई करेगा।

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चेकिंग को लेकर आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई द्वारा शुक्रवार को तीन टीमों का गठन किया गया है। इसमें एक टीम एआरटीओ अरविंद पांडे के साथ रहेगी, जबकि दूसरी टीमों में चार नए प्रशिक्षु प्रवर्तन अधिकारियों को लगाया गया है। आरटीओ ने बताया कि नए परिवहन कर अधिकारियों में आशुतोष डिमरी और अनुराधा पंत को घंटाघर-राजपुर मार्ग, परेड ग्राउंड-सहस्रधारा मार्ग व रायपुर मार्ग पर चेकिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही अभिलाष गैरोला और प्रज्ञा पंत को चकराता मार्ग और सहारनपुर मार्ग पर चेकिंग के आदेश दिए हैं। एआरटीओ पांडे शहर में औचक चेकिंग करेंगे। चेकिंग में हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, दुपहिया और कार में अनाधिकृत साइलेंसर के साथ ओवर-स्पीड, ओवरलोडिंग, वाहन का संचालन करते समय मोबाइल पर बात करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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क्यों जरूरी है हेलमेट पहनना

इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन के सर्वे के अनुसार देश में हर रोज सड़क हादसों में 350 से 400 लोगों की मौत होती है। इसमें तकरीबन 90 लोगों की मौत सिर में गहरी चोट लगने से होती है। इन सड़क हादसों में शिकार लोगों में हेलमेट न पहनने वालों की संख्या सर्वाधिक है। सर्वे के मुताबिक शरीर के किसी भी अन्य हिस्से की अपेक्षा सिर की चोट ज्यादा घातक होती है। हादसों में सिर में चोट लगने का खतरा 41 फीसद के करीब होता है। दुपहिया चालक व पिछली सवारी अगर अनिवार्य रूप से हेलमेट पहने तो सड़क हादसों में मौतों की संख्या काफी कम हो सकती है।

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Posted By: Sunil Negi

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