राज्य ब्यूरो, देहरादून: अनाथ बच्चों के लिए जिला स्तर पर चलाई जा रही योजना में उत्तरकाशी और हरिद्वार की प्रगति संतोषजनक नहीं है। महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने इन जिलों का निर्धारित लक्ष्य कम करते हुए इस दिशा में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री ने विधानसभा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की समीक्षा की। अनाथ बच्चों के लिए जिलों में चलाई जा रही योजना की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा ने इस पर अच्छा काम किया है। राज्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित एवं अनाथ बच्चों के लिए चलाई जाने वाली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने वंचित महिलाओं, बालिकाओं और बालकों को मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश देते हुए इनके प्रति संवेदनशीलता बरतने को कहा। बच्चों में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए उन्होंने विशेष कार्यक्रम चलाए जाने के भी निर्देश दिए।

कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के लिए विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राजकीय शिशु सदन, बाल गृह व नारी निकेतन में स्टॉफ को सावधानी बरतने की विशेष ट्रेनिंग दी जाए। बताया गया कि लॉकडाउन की अवधि में विभाग द्वारा जिलों में सैनिटाइजेशन, फॉगिंग एवं दवाओं के छिड़काव के साथ ही मास्क बनाने का कार्य किया गया। स्टाफ व संवासिनियों को कोरोना से बचाव का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में सचिव, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग सौजन्या, अपर सचिव योगेंद्र यादव समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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