जागरण संवाददाता, देहरादून : पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सचिवालय संघ के जनरल-ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग में बंटना लगभग तय हो गया है। एससी-एसटी कार्मिक संघ ने बुधवार को दिए गए नोटिस के जवाब में दीपक जोशी से सचिवालय संघ के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र मांगा है। आरोप लगाया कि उन्हें अलग करने का रास्ता उन्होंने ही तैयार किया है। वहीं, सचिवालय संघ के अध्यक्ष ने कहा कि संघ की कार्यकारिणी की 17 फरवरी को होने वाली बैठक में एससी-एसटी कार्मिक संघ बनाने वाले सदस्यों की सदस्यता पर निर्णय लिया जाएगा।

बता दें, पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने की लड़ाई लड़ रहे उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी सचिवालय संघ के भी अध्यक्ष हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से चंद दिन पूर्व सचिवालय संघ के एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों ने पदोन्नति में आरक्षण देने की मांग को लेकर संगठन बना लिया और चार फरवरी को सचिवालय संघ को पत्र भेजकर कहा कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारी संघ से सामूहिक त्याग पत्र दे देंगे। इस पर सचिवालय संघ ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बुधवार को अलग संगठन बनाने वाले बीस सदस्यों को नोटिस देकर जवाब देने को कहा था। वहीं नोटिस का जवाब देते हुए एससी-एसटी कार्मिकों ने कहा कि दीपक जोशी सचिवालय संघ के अध्यक्ष हैं। संघ में सभी वर्गो के कर्मचारी हैं। लेकिन उन्होंने एससी-एसटी वर्ग के हितों की अनदेखी कर जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन बनाया, जिसके वह प्रांतीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में कर्मचारियों में विभेद तो वही पैदा कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें तत्काल सचिवालय संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

Posted By: Jagran

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