देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: नगर निकाय चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस में दिग्गजों के बीच रार फिर बढ़ने लगी है। निकायों में कहीं जीत को लेकर श्रेय लेने की होड़ तो वहीं हार को लेकर ठीकरा फोड़ने का सिलसिला तेज हुआ है। 

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के सीधे निशाने पर हैं। एक दिन पहले विधानसभा चुनाव में बुरी गत के मुकाबले निकाय चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर होने के प्रीतम सिंह के दावे पर हरीश रावत ने निकाय चुनाव का मौका भुना नहीं पाने का आरोप मढ़ते हुए सवाल उठा दिए हैं। 

वहीं पलटवार करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि बड़े नेता हार का ठीकरा फोड़ना ही चाहते हैं तो वह तैयार हैं। निकाय चुनाव नतीजों के मंथन में उनके हिस्से जहर आया तो वह जहर पीने को भी तैयार हैं। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि बीते दिनों पार्टी की बड़ी मोटरसाइकिल रैली के दौरान भी पूर्व मुख्यमंत्री उन पर ऐसे ही आरोप लगा चुके हैं। 

निकाय चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश में पहली दफा दो नगर निगमों में जीत दर्ज की तो भाजपा से अधिक नगरपालिका परिषदों में विजय का परचम लहराया है। निकायों में पार्षदों में भी पार्टी अपनी स्थिति को बेहतर आंक रही है। 

बगैर सिंबल पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने वाले निर्दलों को पार्टी अपना तो बता ही रही है, साथ ही इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार भी कर रही है। ऐसे में निकाय चुनाव में पार्टी की स्थिति में सुधार के दावों पर अपने ही दिग्गज नेताओं के आरोपों से पार्टी में अंतरकलह फिर सतह पर आ गई है। 

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत निकाय चुनाव में अपने सीमित कार्यक्रम तय किए जाने पर सवाल उठा चुके हैं, साथ में जिन क्षेत्रों में उन्होंने चुनाव प्रचार किया, वहां पार्टी की जीत का दावा भी कर रहे हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की टिप्पणी से व्यथित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री से समय लेने के बार-बार प्रयास किए गए। इसके पूरे सबूत उनके पास हैं। उन्होंने जितना समय दिया, उसी मुताबिक उनके कार्यक्रम लगाए गए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ अरसा पहले प्रदेश संगठन की बड़ी मोटरसाइकिल रैली के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुछ इसीतरह प्रतिक्रिया दी थी। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 के नगर निकाय चुनाव और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी जिन विकट परिस्थितियों से गुजरी है। वर्तमान निकाय चुनाव में उसमें सुधार हुआ है। इसलिए सिर्फ हारी हुई सीट ही नहीं, सभी जगह पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इस मंथन में यदि उनके हिस्से में जहर भी आएगा तो वह पीने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में टिकटों का वितरण आम सहमति से किया गया।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने एकजुटता और कड़ी मेहनत के साथ निकाय चुनाव में पार्टी को आगे बढ़ाया है। वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भी प्रदेश अध्यक्ष को निशाने पर लिए जाने के मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुंजवाल वरिष्ठ नेता हैं और अक्सर बयान देते रहते हैं।

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