कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या विवाद मामले में पुलिस साक्ष्यों और जारी ऑडियो के मिलान में जुटी
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद में पुलिस साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद में पुलिस जांच जारी
जागरण संवाददाता, देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद में पुलिस जांच को आगे बढ़ाने के लिए जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान कर रही है। मंत्री की ओर से दी गई शिकायत और बरेली से एकत्र किए गए साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
मामले में सामने आए आडियो को भी अहम साक्ष्य माना जा रहा है। ऐसे में पुलिस जल्द ही आडियो में सुनाई देने वाली आवाज का मिलान करवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। आवाज के मिलान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सोमवार को लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के चलते विवेचक की व्यस्तता रही। इस कारण मामले की जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। पुलिस की ओर से बरेली भेजी गई टीम के माध्यम से जुटाए गए साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के बीच तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।
जांच का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करना और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। उधर, गिरधारी लाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज होने के बाद उनके उच्च न्यायालय का रुख करने की सूचना है। इस घटनाक्रम के बीच पुलिस की जांच पर भी नजर बनी हुई है।
अग्रिम जमानत से संबंधित कानूनी प्रक्रिया और विवेचना दोनों अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ेंगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शिकायत में लगाए गए आरोपों, बरेली से जुटाए गए साक्ष्यों और आडियो की जांच के बीच तथ्यों का मिलान करना है। आवाज का मिलान कब कराया जाएगा और जांच में इससे क्या तथ्य सामने आएंगे, इस पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
ऑडियो की जांच पर टिकी नजर
प्रकरण में आडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस आडियो की प्रमाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाज की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसका मिलान करा सकती है। आवाज के नमूने का मिलान होने पर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। घटनाक्रम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच के लिए पुलिस की टीम बरेली गई थी।
घटनास्थल बरेली में होने के कारण वहां से संबंधित साक्ष्य जुटाने और पुराने मामलों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मंत्री की शिकायत में लगाए गए आरोपों और बरेली से जुटाई गई जानकारी का मिलान कर रही है। इस प्रक्रिया में साक्ष्यों की प्रासंगिकता और उनकी प्रमाणिकता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
