देहरादून, राज्य ब्यूरो। राजाजी टाइगर रिजर्व, हरिद्वार और लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा पर तीन गुलदारों की मौत से सहमे वन महकमे ने गढ़वाल क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक जय राज ने इस प्रकरण की 15 दिन के भीतर जांच कराने के आदेश दिए हैं। इस बीच राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी किसी उच्चाधिकारी से जांच कराने का आग्रह वन मुख्यालय से किया है। विभाग ने प्रकरण की प्रारंभिक रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है। वहीं, गुलदारों की मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। प्रथम दृष्ट्या गुलदारों की मौत का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन माना जा रहा है। लेकिन, इसका सेवन कैसे और कहां किया गया अथवा यह रिवेंज किलिंग (बदले की भावना से मारना) है, ये सवाल पहेली बने हुए हैं। अलबत्ता, विभाग की नजरें अब इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) से प्राप्त होने वाली विषविज्ञानी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। 

राजाजी टाइगर रिजर्व की रवासन, हरिद्वार वन प्रभाग की चिड़ियापुर और लैंसडौन प्रभाग की लालढांग रेंज के मिलान पर शुक्रवार को एक किलोमीटर की परिधि में तीन गुलदार मृत मिले। चार से पांच साल की उम्र के इन गुलदारों की एक साथ मौत से हड़कंप मच गया था। सरकार से लेकर शासन तक सक्रिय हो गए। वन मंत्री ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए तो शासन ने भी वन महकमे से रिपोर्ट तलब की। असल में राज्य में ऐसा पहली बार हुआ, जब एक ही स्थान के इर्द-गिर्द एक साथ तीन गुलदारों के शव पाए गए। चिड़ियापुर रेसक्यू सेंटर में गुलदारों के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिसरा जांच के लिए आइवीआरआई बरेली भेज दिया गया। 
प्रथम दृष्ट्या मौत का कारण जहरीले पदार्थ से होना माना गया है। हालांकि, गुलदारों की मौत से सहमे वन महकमे ने शुक्रवार को शनिवार को भी डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, मगर कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। इस बीच वन महकमे ने प्रकरण की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को भेज दी। इसमें कहा गया है कि आइवीआरआइ की रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गुलदारों की मौत किस प्रकार के जहरीले पदार्थ से हुई है। यही नहीं, शनिवार को राजाजी रिजर्व के निदेशक ने प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर वन मुख्यालय को पत्र भेजकर इसकी जांच किसी उच्च अधिकारी से कराने की संस्तुति की है। 
वन मुख्यालय भी प्रकरण पर नजर रखे हुए है। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक जय राज ने इस घटनाक्रम को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव को गढ़वाल क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरण की जांच 15 दिन के भीतर कराने, गुलदारों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति जल्द उपलब्ध कराने और बिसरा रिपोर्ट जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत प्रयास करने को भी कहा है। उधर, रेड अलर्ट जारी होते ही राजाजी रिजर्व के अलावा वन प्रभागों में चौकसी बढ़ा दी गई है। 
जांच में जुटी हैं तीन टीमें 
गुलदारों की मौत के प्रकरण में राजाजी रिजर्व, हरिद्वार और लैंसडौन वन प्रभाग के कार्मिकों की तीन टीमें जांच में जुटी हैं। उन्हें राजाजी और कार्बेट के डॉग स्क्वॉड भी मुहैया कराए गए हैं। कई घंटों की कसरत के बाद भी जांच टीमों के हाथ फिलवक्त खाली हैं।

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