देहरादून, राज्य ब्यूरो। बतौर हाकिम आम लोगों को ऋण या अन्य देनदारी के बकाया भुगतान को लेकर भू-राजस्व वसूली नोटिस (आरसी) जारी करने वाले अफसर अब खुद आरसी की जद में आ गए हैं। सरकारी आवासों पर लंबे अरसे तक जमे रहे नौकरशाहों व पूर्व नौकरशाहों समेत कुल 50 अफसरों में से 40 से ज्यादा पर आरसी की तलवार लटक गई है। तय समय में आवास किराया जमा नहीं करने पर उन्हें करीब पखवाड़ेभर बाद जिला प्रशासन के माध्यम से आरसी जारी की जाएगी।

हाईकोर्ट के सरकारी आवासों का किराया जमा करने के सख्त आदेश को देखते हुए बड़ी संख्या में सरकारी आवासों में तय समय सीमा से ज्यादा वक्त तक जमे रहे सेवारत और सेवानिवृत्त अफसरों की सूची राज्य संपत्ति महकमा तैयार कर चुका है। इन्हें आवास किराया बकाये के भुगतान के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। इनमें नौ आइएएस समेत कुल 50 अफसर शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक इन पर आवास किराये के रूप में करीब 20 से 25 लाख रुपये की राशि बकाया है।

इनमें से एक आइएएस समेत दो अफसरों ने किराया जमा करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार तक 60 हजार रुपये से ज्यादा राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी गई। आठ अफसरों की ओर से आवास किराये का ब्योरा देकर भुगतान का भरोसा बंधाया है। दरअसल उक्त अफसरों पर हाईकोर्ट के आदेश के तहत कार्यवाही की जा रही है। उन्हें जवाब दाखिल करने का मौका दिया गया है। 

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अब यह कार्यवाही तकरीबन पूरी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक बकाया वसूली की विधिक कार्यवाही जारी है। इसके बारे में सरकार की ओर से हाईकोर्ट को भी बताया जाना है। लिहाजा किराया जमा नहीं कराने वालों पर भू-राजस्व के बकाए के रूप में वसूली की जाएगी। पखवाड़ेभर बाद वसूली के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से 40 से अधिक अफसरों को आरसी जारी की जाएगी। ऐसा हुआ तो यह राज्य में पहली बार होगा कि आरसी जारी करने वाले अफसर बड़ी संख्या में खुद इसकी जद में आ जाएंगे।

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Posted By: Sunil Negi

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